तेल अवीव और हैफ़ा को आताकामा रेगिस्तान बना देंगेः नुजबा आंदोलन
इराक़ के प्रतिरोधकर्ता संगठन नुजबा आंदोलन के महासचिव ने अमरीका व ज़ायोनी शासन को चेतावनी दी है कि उन्हें उस दिन से डरना चाहिए जब हम या ज़हरा का परचम उठा लें क्योंकि उस दिन तेल अवीव व हैफ़ा, दक्षिणी अमरीका के रेगिस्तान आताकामा जैसे हो जाएंगे।
शैख़ अकरम अलकाबी ने बग़दाद में पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों के पवित्र रौज़ों की रक्षा करते हुए शहीद होने वालों को श्रद्धांजली अर्पित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि एक समय एेसा था जब पूरी दुनिया यह सोच रही थी कि सीरिया की सरकार गिर जाएगी और वहां जहां बहुत बड़ी ग़लती है लेकिन आज सभी सीरिया में हमारी उपस्थिति को सही मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि नुजबा आंदोलन के संघर्षकर्ता "ज़ैनब को पुनः बंदी नहीं बनाया जा सकता" के नारे के साथ सीरिया पहुंचे और उन्होंने वहां अपनी जान की बाज़ी लगा दी।
इराक़ के प्रतिरोधकर्ता संगठन नुजबा आंदोलन के महासचिव ने युद्ध के मैदान में साम्राज्यवादी शक्तियों और तकफ़ीरी आतंकियों पर प्रतिरोध के मोर्चे की विजय की ओर इशारा करते हुए कहा कि इराक़ में अमरीका को पूरी तरह पराजित करने और उसे इराक़ से निकलने पर मजबूर करने के बाद प्रतिरोधकर्ताओं ने एेसा काम कर दिया कि अमरीकी राष्ट्रपति को चोरों की तरह छुप कर इराक़ में प्रवेश करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमने इसी तरह तकफ़री आतंकियों को बीस साल तक अपने अपराध जारी रखने वाले थे, थोड़े से ही समय में समाप्त कर दिया। शैख़ अकरम अलकाबी ने कहा कि वाइट हाउस को जान लेना चाहिए कि प्रतिबंध और आर्थिक घेरेबंदी की उपयोगिता समाप्त हो चुकी है और इस प्रकार की कार्यवाहियां इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के मानने वाले को घुटने टेकने और अपमान सहन करने पर विवश नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि उस दिन से डरो जब हम "या ज़हरा" का परचम लहरा दें क्योंकि उस दिन तेल अवीव और हैफ़ा और दक्षिणी अमरीका के आताकामा रेगिस्तान के अंतर को समझा नहीं जा सकेगा। (HN)