हसन नसरुल्लाह के भाषण के कुछ बिंदु
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हिज़बुल्लाह के महासचिव ने 25 मई को अपने भाषण में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर संकेत किया जिनमे से कुछ बिंदु इस प्रकार हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २६, २०१९ १६:०१ Asia/Kolkata

हिज़बुल्लाह के महासचिव ने 25 मई को अपने भाषण में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर संकेत किया जिनमे से कुछ बिंदु इस प्रकार हैं।

ज़ायोनियों के मुक़ाबले में प्रतिरोध की विजय और लेबनान की पूर्ण स्वतंत्रता की 19वीं सालगिरह के अवसर पर सैयद हसन नसरुल्लाह ने अमरीका की डील आफ द सेंचुरी योजना का खुलकर विरोध किया।  इस बात की रिपोर्ट मिली है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प अगले महीने जून में डील आफ द सेंचुरी योजना का अनावरण करेंगे।  हिज़बुल्लाह के महासचिव नसरुल्लाह ने कहा कि इस अमरीकी योजना का मुख्य लक्ष्य, फ़िलिस्तीन के विषय को सदा के लिए समाप्त करना है।  उन्होंने कहा कि एसे में इस योजना से मुक़ाबले की ज़िम्मेदारी सबपर आती है। हिज़बुल्लाह महासचिव ने कहा कि इस स्थिति में बहरैन बैठक का बहिष्कार करना सभी फ़िलिस्तीनी गुटों का दायित्व है क्योंकि डील आफ द सेंचुरी योजना को लागू करने का पहला चरण बहरैन से आरंभ किया जा रहा है।  हिज़बुल्लाह के महासचिव ने सन 2000 में प्रतिरोध की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ज़ायोनियों पर प्रतिरोध की विजय को अति महत्वपूर्ण बताया।  उन्होंने कहा कि इस विजय के बाद यह स्पष्ट हो गया कि लेबनान के भीतर भी एक शक्ति मौजूद है जो इस्राईल को लेबनान से खदेड़ने की पूरी क्षमता रखती है और उसने एसा ही किया।  उनका मानना है कि सन 2000 की विजय के बाद अवैध ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में हिज़बुल्लाह की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हुई है जो लगातार बढ़ती जा रही है।  सैयद हसन नसरुल्लाह ने अपने भाषण के एक भाग में लेबनान से सीरिया के पलायनकर्ताओ की वापसी के बारे में पश्चिम-अरब गठबंधन के षडयंत्र का रहस्योद्घाटन किया।  उन्होंने कहा कि यह गठबंधन विभिन्न बहानों से सीरिया के पलायनकर्ताओं की स्वदेश वापसी में रुकावटें डाल रहे हैं।

हिज़बुल्लाह के महासचिव ने अपने भाषण के एक भाग में विश्व क़ुद्स दिवस का उल्लेख किया।  उन्होंने कहा कि डील आफ द सेंचुरी के कारण होने वाले परिवर्तनों, क्षेत्र में अमरीका की ओर से तनाव बढ़ाने और फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध अवैध ज़ायोनी शासन के दिन-प्रतिदिन बढ़ते अपराधों के कारण इस वर्ष विश्व क़ुद्स दिवस का महत्व बहुत बढ़ जाता है।  विश्व क़ुद्स दिवस अगले शुक्रवार को मनाया जाएगा जो पवित्र रमज़ान का अंतिम शुक्रवार होगा।