यमन के ख़िलाफ़ बिन सलमान के बयान पर यमन की प्रतिक्रिया
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i76287-यमन_के_ख़िलाफ़_बिन_सलमान_के_बयान_पर_यमन_की_प्रतिक्रिया
यमन संकट के बारे में सऊदी अरब के युवराज के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए यमन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह बयान, यमन में शांति स्थापना से सऊदी अरब के विरोध का स्पष्ट प्रमाण है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun १७, २०१९ ०८:५७ Asia/Kolkata
  • यमन के ख़िलाफ़ बिन सलमान के बयान पर यमन की प्रतिक्रिया

यमन संकट के बारे में सऊदी अरब के युवराज के बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए यमन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह बयान, यमन में शांति स्थापना से सऊदी अरब के विरोध का स्पष्ट प्रमाण है।

यमन की उच्च क्रांति समिति के प्रमुख मुहम्मद अलहूसी ने अपने एक बयान में कहा है कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के लिए सैन्य समाधान को चुना है और वह इस संकट के हल के लिए राजनैतिक मार्ग अपनाए जाने का विरोधी है। उन्होंने कहा कि मुहम्मद बिन सलमान ने यमन के बारे में जो कुछ कहा है वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सऊदी अधिकारी यमन में शांति स्थापना के विरोधी हैं। ज्ञात रहे कि सऊदी अरब के युवराज मुहम्मद बिन सलमान ने एक समाचारपत्र से बात करते हुए, यमन के ख़िलाफ़ कई देशों के सैन्य गठबंधन के गठन की ओर किसी भी प्रकार का संकेत किए बिना कहा था कि सऊदी अरब, यमन को हूसियों के क़ब्ज़े से मुक्त कराना चाहता है।

 

इस बीच संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिख कर यमन युद्ध के लम्बे खिंचने की ओर से सचेत किया है। अंटोनियो गुटेरस ने रविवार की रात अपने इस पत्र में यमन के अलहुदैदा शहर के बारे में होने वाले समझौतों विशेष कर इस शहर में युद्ध विराम के क्रियान्वयन पर बल दिया है। ज्ञात रहे कि दिसम्बर 2018 को स्वीडन के स्टाकहोम शहर में यमनी पक्षों के बीच अलहुदैदा में संघर्ष विराम पर सहमति हुई थी लेकिन सऊदी अरब और उसके घटकों की ओर से निरंतर उल्लंघनों के कारण संघर्ष विराम की सभी कोशिशें विफल हो चुकी हैं। (HN)