फ़िलिस्तीनियों ने किया "वापसी मार्च" में भाग लेने का आह्वान
"वापसी मार्च" का आयोजन करने वाली फ़िलिस्तीनियों की उच्च समिति ने समस्त फ़िलिस्तीनियों से शुक्रवार को की जाने वाली मार्च में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।
इस समिति ने गुरूवार को ग़ज़्ज़ा के परिवेष्टित लोगों को आमंत्रित किया है कि वे शुक्रवार 5 जूलाई को कियेे जाने वाले वापसी मार्च में भाग लेकर अपनी एकता के माध्यम से ज़ायोनियों के षडयंत्रों को विफल बनाएं।
ग़ज़्ज़ा में रहने वाली फ़िलिस्तीनियों ने शुक्रवार 30 मार्च 2018 से प्रति शुक्रवार को वापसी मार्च नामक रैली का आरंभ किया है। हर सप्ताह इस मार्च में बड़ी संख्या में फ़िलिस्तीनी भाग लेते हैं। 30 मार्च सन 2018 से लेकर आजतक इस मार्च के दौरान इस्राईली सैनिकों की गोलियों का निशाना बनकर 300 से अधिक फ़िलिस्तीनी शहीद हो चुके हैं। वापसी मार्च में घायल होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 31000 से अधिक हो चुकी है। वापसी मार्च में भाग लेने वालों का प्रयास है कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 194 को लागू किया जाए। इस प्रस्ताव के 11वें अनुच्छेद में फ़िलिस्तीनियों को उनकी मातृभूमि में वापस जाने का पूरा अधिकार है।
इसी बीच फ़िलिस्तीन की स्वशासित सरकार के प्रमुख महमूद अब्बास ने डील आफ सेंचुरी का विरोध करते हुए कहा है कि मनामा बैठक की ही भांति यह डील भी विफल रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने डील आफ सेंचुरी के विरोध की घोषणा कर दी है और हम सदा इसका विरोध करते रहेंगे।