सऊदी अरब में धार्मिक पुलिस के अधिकार सीमित
सऊदी अरब की सरकार ने एक नया क़ानून बना कर धार्मिक पुलिसकर्मियों के, जिन्हें सऊदी अरब में मुतव्वा कहा जाता है, अधिकारों को सीमित कर दिया है।
नए क़ानून के अनुसार अब मुतव्वों को लोगों का पीछा करने, उन्हें हिरासत में लेने या उनके दस्तावेज़ जांचने का अधिकार नहीं होगा। इस क़ानूने के अंतर्गत धार्मिक पुलिस सिर्फ़ लोगों के साथ नर्मी से बात करके और सहिष्णुता का प्रदर्शन करके भलाइयों का आदेश दे सकती है और बुराइयों से रोक सकती है। मुतव्वों से कहा गया है कि कोई संदिग्ध मामला देने पर वे पुलिस या मादक पदार्थ निरोधक कार्यालय को उसकी सूचना दें। नए क़ानून के अनुसार धार्मिक पुलिस को लोगों से बात करने से पहले अपना परिचय पत्र दिखाना होगा जिस पर उनका नाम, पद और काम का समय दर्ज हो। काम के समय के अलावा उन्हें लोगों को किसी प्रकार का आदेश देने का अधिकार नहीं होगा।
ज्ञात रहे कि धार्मिक पुलिस, सऊदी अरब में सड़कों पर गश्त करती है और लोगों के धार्मिक व सामाजिक व्यवहार पर दृष्टि रखती है। मुतव्वों पर अकसर इस प्रकार के आरोप लगते रहे हैं कि वे अपनी सीमाओं को फलांग जाते हैं। यह पुलिस अपनी गतिविधियों को इस्लामी शरीयत के अनुसार बताती है। कई बार धार्मिक पुलिस द्वारा युवा महिलाओं को सार्वजनिक रूप से पीटे जाने के चित्र और वीडियो क्लिप्स भी सामने आई हैं। (HN)