यमनी सेना ने दस ड्रोन विमानों से किया हमला, सऊदी बौखलाए
यमन की सेना ने सऊदी अरब की "अश्शैबा" रिफाइनरी पर दस ड्रोन से हमला किया है। अश्शैबा रिफाइनरी, सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी "आरामको" से संबन्धित है।
यमन की सेना के प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि सऊदी अरब के विरुद्ध ड्रोन का सबसे व्यापक हमला किया गया। उन्होंने सऊदी अरब से सभी नागरिकों और कंपनियों से अति संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने का अनुरोध किया है। यहया सरी के अनुसार सऊदी अरब की अश्शैबा रिफाइनरी में इस देश का सबसे बड़ा तेल भण्डार है जिसकी क्षमता एक अरब बैरेल है। यमन की सेना के प्रवक्ता ने सऊदी अरब और उसके घटक देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अतिक्रमण के जारी रहने की स्थिति में व्यापक स्तर पर कार्यवाही शुरू की जाएगी।
इससे पहले यमनी सेना ने सऊदी अरब के अबहा इन्टरनेश्नल हवाई अड्डे और असीर में सऊदी एजेन्टों के ठिकानों को निशाना बनाया था। यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों की ड्रोन यूनिट ने शुक्रवार की रात असीर प्रांत में स्थित अबहा इन्टरनेश्नल हवाई अड्डे को निशाना बनाया। यमनी सेना के प्रवक्ता यहिया सरी ने कहा था देश की सेना के क़ासिफ़ के-2 ड्रोन विमानों ने युद्ध विमानों के शेल्टर, महत्वपूर्ण सैन्य लक्ष्यों और हवाई अड्डे के संवेदनशील स्थानों पर बमबारी की। यमनी सेना के प्रवक्ता का कहना था कि हमले के बाद हवाई अड्डे पर विमानों की उड़ानें रद्द हो गईं। उनका कहना था कि जब तक यमन पर हमलावर गठबंधन के हमले जारी रहेंगे तबतक यमनी जनता की जवाबी कार्यवाहियों का हक़ सुरक्षित रहेगा।
दूसरी ओर यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों ने दक्षिणी सऊदी अरब के असीर प्रांत में ओलब पास के निकट सऊदी एजेन्टों के ठिकानों पर तीन ज़िलज़ाल-1 मीज़ाइलों से हमला किया गया। यमनी सेना का कहना है कि इन हमलों से सऊदी अरब और उसके एजेन्टों को अच्छा ख़ासा नुक़सान हुआ है।