अंकल सैम आए थे ईरान को स्पष्ट संदेश देने, लेकिन...
फ़ार्स खाड़ी में ईरान का मुक़ाबला करने और ईरान को स्पष्ट संदेश देने के लिए अमरीका ने मई में जिस विशाल विमान वाहक युद्धपोत को मध्यपूर्व की ओर रवाना किया था, ईरानी हमले की संभावना के मद्देनज़र अब तक उसने अरब सागर से दूरी बनाकर रखने में भलाई समझी है।
मई में ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बाद अमरीका ने यूएसएस अबराहम लिंकन को मध्यपूर्व की ओर रवाना किया था।
उस समय अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जान बोल्टन ने कहा था कि ईरान को स्पष्ट संदेश देने के लिए विमान वाहक युद्धपोत और बमवर्षक टास्क फ़ोर्स को मध्यपूर्व में तैनात किया जा रहा है।
हालांकि यह युद्धपोत कभी भी ईरानी जल सीमा के निकट तक नहीं आया।
शुक्रवार को न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक लेख में कहा है, क्षेत्र में पहुंचने के बाद से यूएसएस लिंकन और टास्क फ़ोर्स फ़ार्स खाड़ी तथा स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ के निकट जाने से बचते रहे हैं।
परमाणु ऊर्जा से संचालित होने वाले इस युद्धपोत पर 5,600 महिलाओं और पुरुषों का अमला तैनात है, लेकिन इसने कभी भी ईरान की जल सीमा से निकट होने का जोखिम मोल नहीं लिया है।
यह युद्धपोत अरब सागर के उत्तर में है और इसने स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़ से 600 नॉटिकल मील की दूरी बना रखी है। msm