हम अमरीकी सैनिकों या अमरीकी हथियारों से नहीं डरतेः अंसारुल्लाह
यमन के अंसारूल्लाह ने ऐलान किया है कि हमें अमरीकी सैनिकों या हथियारों किसी का भी डर नहीं है।
अमरीका की ओर से सऊदी अरब के लिए हज़ारों नए सैनिक भेजने पर यमन के अंसारुल्लाह आन्दोलन ने कहा है कि वह काम जो 14000 सैनिक नहीं कर सके उसको कुछ अन्य सैनिक भेजकर पूरा नहीं किया जा सकता। यमन के अंसारुल्लाह आन्दोलन के नेता मुहम्मद अली अलहूसी ने ट्वीट किया है कि अमरीकी सरकार को मध्यपूर्व के लिए हज़ारों नए सैनिक भेजकर ख़ून-ख़राबा कराने के बजाय कोई शांति की योजना पेश करनी चाहिए ताकि क्षेत्र के लोग शांति का जीवन गुज़ार सकें।
उन्होंने लिखा है कि अमरीकी हमेशा यह दावा करते रहते हैं कि वे संसार में मानवता को फैला रहे हैंं जबकि व्यवहारिक रूप में मानवीय संकट उत्पन्न करवाने के लिए वे अपने घटकों की सहायता करते हैं। मुहम्मद अलहूसी ने लिखा है कि इसका स्पष्ट उदाहरण यमन का वर्तमान मानवीय संकट है।
सऊदी अरब के लिए अमरीका के नए सैनिक भेजने पर अपनी प्रतिक्रिया में मुहम्मद अली अलहूसी का कहना है कि यमनी राष्ट्र सैनिकों, हथियारों यहां तक कि अमरीकी नेतृत्व से भी नहीं डरता। उन्होंने कहा कि अमरीकी सैनिकों की संख्या में वृद्धि से हमपर कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यमन में युद्ध का जारी रहना अमरीका के लिए हानिकार है।
ज्ञात रहे कि अमरीकी रक्षामंत्रालय ने गुरूवार को एक बयान जारी करके घोषणा की थी कि ट्रम्प प्रशासन, तीन हज़ार सैनिकों को सऊदी अरब भेज रहा है। इस बयान में यह भी कहा गया था कि सऊदी अरब के लिए एयर डिफेंस सिस्टम भी भेजा जा रहा है।