अधिकांश अरब देशों के युवा अमरीका के विरुद्ध
अरब देशों के अधिकांश युवा अमरीका को अपना शत्रु समझते हैं।
पेनशोन बर्लैंड के सर्वेक्षण से पता चला है कि अरब देशों के बहुत से युवा अमरीका को अपना शत्रु समझता है। पेनशोन बर्लैंड के सर्वेक्षण से पता चलता है कि 93 प्रतिशत इराक़ी युवा, 82 प्रतिशत यमनी, 81 प्रतिशत फ़िलिस्तीनी और 57 प्रतिशत लेबनानी, अपने देशों के संबंध में अमरीका की नीतियों से अप्रसन्न हैं और वाशिंगटन को वे अपना शत्रु समझते हैं।
अमरीका ने इराक़ और अफ़़ग़ानिस्तान पर हमले करके तथा इराक़, सीरिया और अफ़ग़ानिस्तान में तकफ़ीरी आतंकियों का समर्थन करके और इसी प्रकार यमन पर सऊदी अरब के हमले का समर्थन किया जिसके कारण इन देशों की जनता, अमरीका की नीतियों से अप्रसन्न है।
दूसरी ओर इराक़ी जनता की नज़र में इस देश में मौजूद अस्थिरता और अशांति सन 2003 में अमरीकी सैनिकों के इस देश पर हमले से आरंभ हुई। यही कारण है कि इराक़ी जनता, अमरीका के संबंध में नकारात्मक दृष्टिकोण रखती है। (AK)