इस्राईल के हर क़दम का तेहरान करारा जवाब देगाः रायुल यौम
मशहूर अरबी अख़बार रायुल यौम ने लिखा है कि तेहरान, इस्राईल के हर क़दम का करारा जवाब देगा।
इस्राईली मीडिया में सामने आने वाले समाचारों, रिपोर्टों व समीक्षाओं से पता चलता है कि तेल अवीव के नीति निर्धारक, इस्राईली जनमत को ईरान के साथ व्यापक टकराव की संभावना के लिए तैयार कना चाहते हैं और उनका कहना है कि ईरान व इस्राईल के बीच सीमित सैन्य टकराव की संभावना पाई जाती है। इसी संबंध में हारेत्ज़ समाचारपत्र के टीकाकार आमूस हेरीईल ने इस्राईल के सुरक्षा केंद्र के उच्च व जानकार सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान की सैन्य शक्ति में बढ़ोतरी और इस देश में नए समीकरण सामने आने के बाद, जिसके तहत ईरानी लक्ष्यों पर इस्राईल के किसी भी तरह के हमले का तेहरान की ओर से कड़ा जवाब दिया जाएगा, इस्राईली स्रोतों का कहना है कि ईरान के साथ सैन्य टकराव निश्चित है। इन सूत्रों का कहना है कि मध्यपूर्व का क्षेत्र अमरीका के राष्ट्रपति के लिए बड़े लेन-देन और बहुत अधिक लाभ का स्थान बन चुका है और वे अपने हितों के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, जैसा कि उन्होंने सीरियाई कुर्दों की ओर से आंखें फेर लीं और यह उन्होंने सिर्फ़ इस लिए किया कि कुर्द अमरीका के समर्थन की क़ीमत अदा करने की ताक़त नहीं रखते थे।
इसी परिप्रेक्ष्य में इस्राईल की राष्ट्रीय सुरक्षा के अध्ययन केंद्र में जो अनुसंधान किया गया है उसमें कहा गया है कि पूर्वोत्तरी सीरिया पर तुर्की की सेना का हमला, इस क्षेत्र में उसका तीसरा हमला है। इस हमले के अहम क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय परिणाम सामने आए हैं। इस अनुसंधान में कहा गया है कि सीरिया से अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने का ट्रम्प का फ़ैसला, जिसे क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पक्षों के लिए चौंकाने वाला फ़ैसला समझा जाता है, वाॅशिंग्टन और अन्कारा के बीच पर्दे के पीछे होने वाली वार्ता के बाद किया गया।
इस्राईल के इस सैन्य अध्ययन केंद्र के इस अनुसंधान में कहा गया है कि तुर्की ने इस हमले से अपने सैन्य व राजनैतिक लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और सीरिया से अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने का ट्रम्प इस विचार को बल प्रदान करता है कि इस्राईल को अपने हितों की रक्षा के लिए राजनैतिक व सैनिक स्तर पर पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए। अमरीका का यह फ़ैसला उसके घटकों के लिए एक चेतावनी है। इस्राईल के इस सैन्य अध्ययन केंद्र का कहना है कि सीरिया से बाहर निकलने के वाॅशिंग्टन के फ़ैसले ने ईरान समेत उसके दुश्मन को एक सरल जीत प्रदान कर दी है और अब इस बात की संभावना बढ़ गई है कि ईरान, इराक़ से सीरिया व लेबनान तक अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रतिरोध के मोर्चे को अधिक मज़बूत बनाएगा और अमरीका इस मोर्चे के मुक़ाबले में इस्राईल को अकेला छोड़ देगा। (HN)