इराक़ पल- पल बदलते हालात, सालेह पर दबाव बढ़ रहा है...
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इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह पर बगदाद वापसी और अपने त्यागपत्र पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए दबाव बढ़ रहा है यहां तक कि उन के विकल्पों पर भी चर्चा आरंभ हो गयी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २९, २०१९ ०४:३३ Asia/Kolkata
  • इराक़ पल- पल बदलते हालात, सालेह पर दबाव बढ़ रहा है...

इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह पर बगदाद वापसी और अपने त्यागपत्र पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए दबाव बढ़ रहा है यहां तक कि उन के विकल्पों पर भी चर्चा आरंभ हो गयी है।

इराक़ी संसद में " अलबन्ना " धड़े के सदस्य, " मुख्तार अलमूसवी" ने बताया है कि संसद सभापति " मुहम्मद अलहलबूसी" ने इस देश के राष्ट्रपति के नाम एक पत्र भी लिखा है। 

याद रहे इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह  त्यागपत्र के लिए तैयारी का एलान करने के बाद इराक़ी कुर्दिस्तान चले गये। 

अलमूसवी ने कहा कि संसद सभापति ने राष्ट्रपति के नाम अपने पत्र में लिखा है कि अगर वह राष्ट्रपति पद बिना त्यागपत्र के भी छोड़ कर चले जाएंगे तो संविधान, संसद सभापति को यह अधिकार देता है कि वह राष्ट्रपति के अधिकार अपने हाथ में ले ले। 

इसी मध्य इराक़ी संसद के कई बड़े धड़ों के सदस्यों  ने बरहम सालेह को राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान आरंभ कर दिया है। 

अधिकांश संसद सदस्यों  का कहना है कि राष्ट्रपति ने संविधान का उल्लंघन किया और नये प्रधानमंत्री को मनोनीत करने का अपना संवैधानिक कर्तव्य पूरा नहीं किया। 

कुछ रिपोर्टों के अनुसार इराक़ी संसद के कई धड़ों ने बरहम सालेह का विकल्प तलाश करना भी आंरभ कर दिया है। जबकि खबरों में बताया जा रहा है कि अपना पद खो देने के भय से बरहम सालेह किसी समय बगदाद लौट सकते हैं। 

इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह  गुरुवार को त्यागपत्र देने का इरादा ज़ाहिर करके सुलैमानिया चले गये । इराक़ के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के त्यागपत्र देने की दशा में संसद के बाद एक हफ्ते का समय रहता है जिसके दौरान वह त्यागपत्र स्वीकार या अस्वीकार करने का फैसला कर सकते हैं। 

इराक़ के संविधान के अनुसार, संसद का सब से बड़ा धड़ा, प्रधानमंत्री का नाम पेश करता है जिसे राष्ट्रपति मनोनीत कर देता है लेकिन इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह का कहना है कि अलबन्ना धड़े की ओर से पेश  किये गये प्रधानमंत्री को वह मनोनीत नहीं कर सकते भले ही संविधान के इस उल्लंघन के कारण उन्हें अपने पद से त्यागपत्र देना पड़े। 

इराक़ में पहली दिसंबर से अंतरिम प्रधानमंत्री सरकारी काम काज देख रहा है। संविधान के अनुसार नये प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा के लिए मात्र तीन दिनों का समय है। अगर बरहम सालेह ने लिखित रूप से अपना त्यागपत्र संसद को नहीं दिया तो इराक़ में राजनीतिक संकट गहरा हो जाएगा। (Q.A.)