इराक़ में गहराता राजनैतिक संकट
इराक़ी राष्ट्रपति की इस देश के संकट के हल से संबंधित योजना को उन सांसदों ने रद्द कर दिया है जो संसद में धरने पर बैठे हैं।
उनके इस क़दम से इराक़ की स्थिति जटिल होती दिखाई पड़ रही है। धरने पर बैठे सांसद, सलीम जबूरी को संसद सभापति के पद से हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। इन सांसदों ने जबूरी और संसद की संचालन समिति के सदस्यों को संसद में दाख़िल होने से रोक दिया।
इराक़ी राष्ट्रपति ने अपनी योजना में यह प्रस्ताव रखा था कि सभी सांसद, खुले सत्र में संसद सभापति और संचालन समिति के सदस्यों को चुनें और सभी धड़े उस पर पाबंद रहें और प्रधान मंत्री भी अपने दृष्टिगत मंत्रीमंडल के लिए 22 मंत्रियों की सूचि पेश करें।
धरने पर बैठे सांसद, सलीम जबूरी के संसद में दाख़िले का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि उन अधिकारियों को काम नहीं करने देंगे जो इराक़ी राष्ट्र के हितों के लिए काम नहीं कर रहे हैं।
इराक़ी प्रधान मंत्री अपने मंत्रीमंडल में टेक्नोक्रेट और माहिरों कों मंत्री पद देना चाहते हैं न कि राजनैतिक दलों के नेताओं को। उनके इस क़दम का इराक़ के ज़्यादातर दलों ने विरोध किया जिसके कारण उनके नए मंत्रीमंडल के 13 सदस्यों को संसद में विश्वासमत नहीं मिल सका।
इसके बाद विभिन्न दलों ने सत्ता में अपनी अपनी भागीदारी के अनुपात में हैदर अलएबादी के टेक्नोक्रेट पर आधारित मंत्रीमंडल के लिए नए नाम पेश किए।
विशेषज्ञों का मानना है कि हैदर अलएबादी की इस नाकामी के पीछे वे दल हैं जो सत्ता में शरीक हैं। ये दल उन्हें भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान नहीं चलाने दे रहे हैं।
उम्मीद की जाती है कि इराक़ के संवेदनशील हालात ख़ास तौर पर इस देश के सामने मौजूद आतंकवाद के ख़तरे के मद्देनज़र, इराक़ी अधिकारी वर्तमान राजनैतिक संकट को एक उपयोगी मंत्रीमंडल के गठन के साथ जल्द से जल्द हल कर लेंगे क्योंकि ऐसा न करने की स्थिति में देश की संप्रभुता ख़तरे में पड़ सकती है। (MAQ/T)