कोरोना वायरस से लड़ाई का तुर्की का अनोखा तरीक़ा
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने देश में कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए बिल्कुल एक अलग तरह का क़दम उठाया है।
राष्ट्रपति अर्दोगान ने देश भर में 20 साल से कम उम्र के लोगों पर कर्फ़्यू लागू किया है, जबकि इससे ज़्यादा उम्र के लोगों पर घरों से निकलने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
शुक्रवार की आधी रात से यह कर्फ़्यू अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए अर्दोगान ने 31 शहरों की सीमाओं को दूसरे शहरों से आने वाले वाहनों के लिए बंद करने का एलान किया।
तुर्क राष्ट्रपति का कहना था कि राजधानी अंकारा और इस्तांबुल समेत शहरों से न ही कोई वाहन बाहर जा सकता है और न ही प्रवेश कर सकता है, ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति करने वाले वाहनों को छोड़कर।
तुर्की में शुक्रवार तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 425 हो गई, जबकि संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़कर 20,000 से अधिक हो गया।
अर्दोगान का कहना थाः हमने 20 साल से कम उम्र के लोगों के लिए शुक्रवार आधी रात से आंशिक कर्फ़्यू लागू करने का फ़ैसला किया है।
तुर्की ने देश में कोरोना वायरस फैलने के लिए सऊदी अरब को ज़िम्मेदार ठहराया है। अंकारा का कहना है कि सऊदी अरब ने कोरोना वायरस महामारी के मामलों को छुपाया, जिसके कारण काफ़ी दिनों तक लोग ज़ियारत के लिए मक्का और मदीना जाते रहे और वहां से संक्रमित होकर लौटे।
इस्तांबुल के मेयर अकरम इमाम ओग़लू ने सरकार से शहर में सख़्ती से लॉकडाउन लागू करने की अपील की है। इस्तांबुल एक एतिहासिक और बहुत ही सुन्दर शहर है, जहां प्रतिवर्ष लाखों विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। यह तुर्की का सबसे बड़ा शहर है, जिसकी आबादी एक करोड़ 60 लाख के क़रीब है। msm