हिज़बुल्लाह के कमांडर की हत्या में मोसाद का हाथ
लेबनान के सूत्रों का कहना है कि हिज़बुल्लाह के कमांडर अली मुहम्मद यूनुस की हत्या में इस्राईल की गुप्तचर सेवा की भूमिका स्पष्ट हुई है।
जुनूबिया समाचार वेबसाइट ने लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के एक कमांडर की हत्या की शैली की ओर संकेत करते हुए बताया है कि अली मुहम्मद यूनुस एक बहुत ही गंभीर केस पर काम कर रहे थे। इस केस की गंभीरता को देखते हुए मुहम्मद यूनुस की हत्या में मोसाद की भूमिका साफ दिखाई दे रही है। अरबी भाषा के समाचारपत्र "क़ुद्स अलअरबी" ने अपने संस्करण में लिखा है कि अभी हिज़बुल्लाह के कमांडर की हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है किंतु जिन परिस्थितियों में यह काम हुआ है उससे शक की सूई पूरी तरह से मोसाद की ओर मुड़ती है।
ज्ञात रहे कि लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन हिज़्बुल्लाह के कमांडर अली मुहम्मद युनुस, लेबनान की "जेबशीत" नामक बस्ती के निवासी थे। बताया जाता है कि हिज़्बुल्लाह संगठन में यूनुस की ज़िम्मेदारी, लेबनान में सक्रिय विदेशी एजेन्टों और जासूसों का पता लगाना थी। लेबनान में विदेशियों विशेषकर सऊदी अरब और इस्राईली उद्देश्यों की राह में सबसे बड़ी बाधा हिज़्बुल्लाह है इसलिए उनकी आखों में हिज़्बुल्लाह, कांटे की तरह खटकता है। उल्लेखनीय है कि हिज़बुल्लाह के कमांडर अली मुहम्मद युनुस को दक्षिणी लेबनान के "ज़ूतर" नामक गांव में रविवार की सुबह शहीद कर दिया गया था।