यमन में कोरोना फैलने पर राष्ट्रसंघ ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्रसंघ का कहना है कि यमन में कोरोना का आरंभ, इस देश में पिछले 100 वर्षों के दौरान सबसे बड़ी चेतावनी है।
अनातोली समाचार एजेन्सी के अनुसार संयुक्त राष्ट्रसंघ में मानवताप्रेमी सहायता के कामों के संयोजक ने कहा है कि पिछले पांच वर्षों से युद्ध में घिरे रहने के कारण यमन की जनता विषम परिस्थितियों में जीवन गुज़ार रही है। एसे में वहां पर कोरोना के फैलने की संभावना बहुत अधिक है। ग़ैंडी ने कहा कि इन परिस्थतियों में यमन के सामने बहुत ख़तरनाक स्थिति आने वाली है। उनका कहना था कि यमन के आधे स्वास्थ्य केन्द्र ही सक्रिय हैं इसलिए वहां पर कोरोना का मुक़ाबला बहुत कठिन हो जाएगा।
ज्ञात रहे कि यमन के "अश्शहर" नगर में 10 अप्रैल 2020 को कोरोना के पहले संक्रमित का पता चला है। संयुक्त राष्ट्रसंघ के अनुसार लंबे समय से युद्ध जारी रहने के कारण यमन की जनता को व्यापक स्तर पर मानवीय सहायता की आवश्यकता है। यमन में सात करोड़ से अधिक लोग कुपोषण का शिकार हैं।