भ्रष्टाचार में लिप्त होने के बावजूद नई सरकार बनाएंगे नेतनयाहू
भ्रष्टाचार के कारण अयोग्य घोषित करने की मांग वाली याचिका को अनदेखा करते हुए इस्राईल के सुप्रीम कोर्ट ने नेतनयाहू को सरकार बनाने की अनुमति देदी है।
ज़ायोनी शासन के न्यायालय ने भ्रष्टाचार के केसों को अनदेखा करते हुए गठबंधन सरकार बनाने की इजाज़त देदी है।
नेतनयाहू पर रिश्वत, धोखाधड़ी, विश्वासघात और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उनपर 17 मार्च से भ्रष्टाचार का मुक़द्दमा चल रहा है। अब नेतनयाहू और बेनीगैंट्स गठबंधन सरकार बनाएंगे।नेतनयाहू और बेनीगेंट्स ने एक बयान जारी करके बताया है कि 13 मई को उनकी गठबंधन सरकार शपथ लेगी। इस प्रकार भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते नेतनयाहू सरकार बनाने में सफल रहे हैं।
ज्ञात रहे कि ज़ायोनी शासन के उच्चतम न्यायालय ने पिछले दिसंबर में तीन अलग-अलग केसों के अन्तर्गत उनपर रिश्वत लेने, धोखाधड़ी तथा पद के दुरूपयोग का आरोप लगाया था।नेतनयाहू द्वारा सत्ता संभालने पर ज़ायोनी शासन के विपक्षी दल कड़ा विरोध कर रहे हैं।