यमन युद्ध का रोका जाना ही सऊदी अर्थव्यवस्था का इलाजः अलहूसी
यमन की क्रांति परिषद के प्रमुख ने कहा है कि अपने नागरिकों पर आर्थिक दबाव डालने से बेहतर है कि सऊदी अरब, यमन युद्ध को रोक दे।
मुहम्मद अली अलहूसी ने कहा है कि नए टेक्स लगाने और बहुत से ख़र्चे में कटौती के बाद सऊदी अरब को जो आय होगी वह यमन युद्ध पर ख़र्च किये जा रहे एक साल के ख़र्च का मात्र 25 प्रतिशत ही होगा। उन्होंने कहा कि एसे में सऊदी अरब, को यह समझना चाहिए कि नए टेक्स लगाने और लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं को उनसे छीनने की तुलना में यमन युद्ध का रोका जाना, सऊदी जनता के लिए अधिक लाभदायक है।
अलहूसी का कहना है कि सऊदी अर्थव्यवस्था की बीमारी का इलाज यमन युद्ध की समाप्ति में निहित है। उन्होंने कहा कि हर वह सरकार जो युद्ध जैसा काम आरंभ करती है उसको निश्चित रूप से उसी समस्या का सामना करना पड़ता है जिसे वर्तमान समय में सऊदी अरब झेल रहा है। अलहूसी के अनुसार सऊदी अधिकारियों के अतार्किक फैसलों ने इस देश की जनता को अकारण ही विभिन्न प्रकार की समस्याओं में फंसा दिया है।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब के वित्तमंत्री ने सोमवार को एलान किया है कि देश की अर्थव्यवस्था को हुए नुक़सान की भरपाई के लिए बुनियादी वस्तुओं पर टेक्स को तीन गुना करके उन्हें 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जा रहा है और साथ ही रेयाज़, प्रमुख परियोजनाओं पर खर्च में लगभग 26 अरब डॉलर की कटौती भी कर रहा है। सऊदी अरब के वित्तमंत्री मुहम्मद अलजादान ने यह भी कहा है कि वहां के नागरिकों को अब निर्वाह व्यय भत्ता भी नहीं मिलेगा जो 2018 से शुरू हुआ था।