सीरिया पर इस्राईल के हमलों में वृद्धि, क्या लक्ष्य ईरान है?
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पिछले हफ़्तों के दौरान विशेष कर हालिया दिनों में सीरिया में कुछ विशेष लक्ष्यों पर इस्राईल के हवाई हमले हुए हैं और आख़री हमले में हुम्स प्रांत की टी-4 हवाई छावनी को निशाना बनाया गया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ०३, २०२० १६:४६ Asia/Kolkata
  • सीरिया पर इस्राईल के हमलों में वृद्धि, क्या लक्ष्य ईरान है?

पिछले हफ़्तों के दौरान विशेष कर हालिया दिनों में सीरिया में कुछ विशेष लक्ष्यों पर इस्राईल के हवाई हमले हुए हैं और आख़री हमले में हुम्स प्रांत की टी-4 हवाई छावनी को निशाना बनाया गया है।

सीरिया पर इस्राईल के हमलों में वृद्धि के कई कारण हो सकते हैं। एक तो यह कि इस्राईल इन हमलों के माध्यम से इस बात की कोशिश कर रहा है कि अपने विचार में ईरान व हिज़्बुल्लाह को सीरिया से दूर कर दे। इन हमलों की छाया में वह सीरिया के ख़िलाफ़ अमरीका की ओर से लगाए गए सीज़र क़ानून नामक प्रतिबंध के प्रभाव को बढ़ाने की भी कोशिश कर रहा है। वह चाहता है कि इस तरह के हमले करके जनमत के सामने अपनी सैन्य ताक़त का प्रदर्शन करे और साथ ही हिज़्बुल्लाह को बदला लेने से रोकने की कोशिश करे। एक अन्य कारण यह भी है कि वह तेल अवीव व अरबों के बीच संबंध स्थापना के बारे में इस्लामी जगत की संवेदनशीलता को कम करना चाहता है। अलबत्ता इन सबके अलावा वह सीरिया पर हमले बढ़ा कर कुछ और अहम लक्ष्य हासिल करने के प्रयास में है।

 

क़रीब 50 दिन पहले ईरान के सशस्त्र बलों के ज्वांट चीफ़ ने सीरिया की यात्रा की थी और इस देश के साथ सैन्य क्षेत्र में व्यापक सहयोग के समझौते पर दस्तख़त किए थे। इस समझौते का सबसे ध्यान योग्य बिंदु ईरान की ओर से सीरिया के एयर डिफ़ेंस सिस्टम को मज़बूत बनाना था ताकि वह बाहरी हमलों का प्रभावी ढंग से मुक़ाबला कर सके। उनकी इस यात्रा के बाद ईरान के कई मीज़ाइल डिफ़ेंस सिस्टम सीरिया को देने की बातें कहीं गईं। लगता है कि ज़ायोनी शासन ईरान की ओर से सीरिया भेजे गए इन सिस्टमों और उन्हें स्थापित किए जाने के स्थानों के बारे में किसी भी क़ीमत पर पता लगाना चाहता है। यही कारण है कि वह इन दिनों सीरिया पर अंधाधुंध हमले कर रहा है। सीरिया में विभिन्न प्रांतों और विभिन्न ठिकानों पर इस्राईल के मीज़ाइल हमलों से भी इस बात की पुष्टि होती है।

 

हालांकि सीरिया पर इस्राईल के ज़्यादातर हमले नाकाम रहे हैं लेकिन लगता है कि रूस का एस-300 सिस्टम सीरिया में उस तरह से सक्रिय नहीं है जैसा उसे होना चाहिए या फिर उसे इस्राईली हमलों का जवाब देने की अनुमति नहीं है। बहरहाल प्रतीत होता है कि अवैध अधिकृत गोलान का हवाई क्षेत्र और इसी तरह अलतनफ़ की वायु सीमा, जहां कुछ समय पहले ईरान के माहान एयर लाइन की एक फ़्लाइट को अमरीकी युद्धक विमानों ने ख़तरे में डाला था, सबसे अधिक प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं। (HN)

 

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