यमन में सऊदी गठबंधन, दाइश और अलक़ाएदा के साथ सक्रिय
यमन के कुछ क्षेत्रों में दाइश और अलक़ाएदा के आतंकवादी, सऊदी गठबंधन के साथ सहयोग कर रहे हैं।
यमन के विदेश मंत्रालय ने एक पत्र लिखकर राष्ट्रसंघ को बताया है कि उनके देश में सऊदी गठबंधन और दो ख़तरनाक आतंकवादी गुटों के बीच निकट का सम्पर्क है।
अलमसीरा वेबसाइट के अनुसार यमन के विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रसंघ और उसकी सुरक्षा परिषद को अलग-अलग पत्र भेजकर सूचित किया है कि देश के अलबैज़ा प्रांत में सऊदी गठबंधन तथा दाइश और अलक़ाएदा के बीच घनिष्ठ संबन्ध हैं। पत्रों में बताया गया है कि यमन के सुरक्षा बलों की ओर से अलबैज़ा प्रांत में की गई कार्यवाही के दौरान दाइश और अलक़ाएदा के बहुत से आतंकवादी मारे गए।
यमन के विदेश मंत्रालय के पत्र के अनुसार इस कार्यवाही में गिरफ़्तार किये जाने वालों में भी कई दाइश और अलक़ाएदा के सदस्य शामिल हैं। गिरफ़्तार किये जाने वालों के पास जो हथियार मिले हैं उनमें से कुछ एसे भी हथियार हैं जो केवल कुछ ही देशों जैसे अमरीका और सऊदी अरब के पास ही मौजूद हैं। इस पत्र में यह भी बताया गया है कि सऊदी गठबंधन की ओर से अलक़ाएदा और दाइश के आतंकवादियों की वित्तीय सहायता की जाती है, रेयाज़ और मआरिब के अस्पतालों में इन आतंकी गुटों के घायलों का इलाज किया जाता है और त्यागपत्र दे चुके मंसूरहादी की सरकार में दाइश और अलक़ाएदा के कई आतंकवादियों को बड़े-बड़े पद दिये गए हैं।
यमन के विदेश मंत्रालय की ओर से संयुक्त राष्ट्रसंघ को भेजे गए पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि वह सऊदी गठबंधन तथा आतंकी गुटों के साथ उसके संपर्क की निंदा करे। ज्ञात रहे कि सऊदी अरब ने अमरीका तथा यूएई के साथ गठजोड़ करके मार्च 2015 में यमन पर हमला आरंभ किया था। कई वर्षों से जारी इस लड़ाई में यमन के 16000 से अधिक लोग मारे गए जबकि घायलों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा है। बताया जाता है कि सऊदी गठबंधन के हमले में यमन के लाखों लोग बेघर हो गए और इन हमलों से यमन की मूलभूत संरचना को बहुत नुक़सान पहुंचा।