मध्यपूर्व में आने वाली है कोरोना की ख़तरनाक लहरः डब्लूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि मध्य पूर्व देशों में आने वाली कोरोना की दूसरी लहर बेहद खतरनाक होगी।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार सर्दियों के आरंभ होने के साथ ही जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं इससे साफ लग रहा है कि मध्य पूर्व देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण अपने ख़तरनाक स्तर पर पहुंच सकता है।
डब्ल्यूएचओ ने लोगों से कहा है कि उनको जाड़े के इस मौसम में काफी सतर्कता बरतने की ज़रूरत है। काहिरा से एक प्रेस वार्ता में, डब्ल्यूएचओ के पूर्वी भूमध्य क्षेत्र के निदेशक अहमद अल-मंधारी ने मध्य पूर्व में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सख्त लॉकडाउन के दौर में कोरोना के मामले कम आ रहे थे, लेकिन अब फिर से मामले बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ख़तरनाक वायरस ने पिछले नौ महीनों में 36 लाख से अधिक लोगों को बीमार किया है और मध्यपूर्व के क्षेत्र में अबतक कोरोना से 76,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। अलमंधारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में बहुत सारे लोगों की जिंदगी दांव पर है इसलिए सरकारों से अनुरोध है कि जल्द से जल्द बचाव के लिए ठोस कदम उठाएं।
डब्ल्यूएचओ ने सभी लोगों से मास्क पहनने के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग पर ज़ोर देने को कहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप प्रमुख का कहना है कि अगर मास्क का 95 फीसदी इस्तेमाल होने लगता तो नए लॉकडाउन की जरूरत ही नहीं पड़ती। डब्ल्यूएचओ के यूरोप कार्यालय के प्रमुख हांस क्लूग ने गुरुवार को कहा कि मास्क के प्रयोग से ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों में लगाए गए लॉकडाउन को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को अंतिम मानक या हथियार के तौर पर देखा जाना चाहिए।
याद रहे कि पूरे विश्व में कोरोना का क़हर लगातार जारी है। इस ख़तरनाक वायरस से अबतक विश्व में 5 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 13 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना पर काबू करने के लिए देशों के वैज्ञानिकों द्वारा हर स्तर पर शोध किए जा रहे हैं। इसी बीच दुनिया के कई देश वैक्सीन बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं तो कई देशों में तो वैक्सीन का ट्रायल अपने अंतिम चरण में है किंतु कोरोना का ख़तरा कहीं पर भरी कम होता दिखाई नहीं दे रहा है।