सऊदी सेना के पास आवश्यक क्षमता मौजूद नहीं
सऊदी नरेश के उत्तराधिकारी और रक्षामंत्री ने युद्ध में इस देश की सेना की अक्षमता को स्वीकार किया और घोषणा की है कि अरबों डॉलर ख़र्च करने के बावजूद इस देश की सेना के पास आवश्यक क्षमता मौजूद नहीं है।
मोहम्मद बिन सलमान ने 25 अप्रैल को कहा कि तेल से होने वाली आमदनी के कम होने के दृष्टिगत विभिन्न विशेषकर सैनिक क्षेत्रों में प्रगति के लिए आवश्यक नीति अपनाये जाने की ज़रूरत है। सऊदी अरब के प्रतिरक्षामंत्री ने इस देश की सेना की अनुपयोगिता को कम करने हेतु सऊदी अधिकारियों के प्रयासों की ओर संकेत करते हुए कहा कि सैनिक हथियारों की ख़रीदारी की दृष्टि से सऊदी अरब हालिया वर्षों में विश्व के तीन देशों में से पहले स्थान पर रहा है परंतु वह घरेलू सैन्य उद्योग से वंचित रहा है और अब भी इस देश की सेना के पास आवश्यक क्षमता मौजूद नहीं है। उन्होंने सऊदी अरब में सेना पर ख़र्च की अनुचित शैली की ओर संकेत किया और कहा कि हम हथियार ख़रीदने के अलावा देश के भीतर भी महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों का उत्पादन करना चाहते हैं। सऊदी अरब के रक्षी मंत्री की ओर से इस देश की सेना की अक्षमता और सैनिक ख़र्च की टीका- टिप्पणी पर आधारित बयान ऐसे समय में सामने आ रहा है जब विश्वस्नीय अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की रिपोर्ट के अनुसार सलमान बिन मोहम्मद के रक्षामंत्री काल में सबसे अधिक रक्षा समझौते पश्चिमी कंपनीनियों के साथ किये गये हैं। ये समझौते ऐसी स्थिति में किये जा रहे हैं जब सऊदी अरब क्षेत्र में न केवल अमेरिका की सैनिक छावनी का मेज़बान है बल्कि अब तक उसे किसी भी देश की ओर से धमकी भी नहीं दी गयी है और यही विषय विश्व के राजनीतिक और सैनिक विश्लेषकों के आश्चर्य का कारण बना है। MM