यमन प्रतिरोध मोर्चे की दिल की धड़कन हैः ईरानी राजदूत
यमन में ईरान के राजदूत ने कहा है कि यमन प्रतिरोध मोर्चे की धड़कन है।
उन्होंने कहा कि यमनी राष्ट्र ने अपने मज़बूत इरादों और दृढ़ संकल्प के ज़रिए साम्राज्यवाद और ज़ायोनीवाद की सभी षड्यंत्रकारी योजनाओं को विफल बना दिया है।
समाचार एजेंसी फ़ार्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, यमन में ईरान के राजदूत हसन ईरलू ने सोमवार को इस देश की राजधानी सना में आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर शहीद क़ासिम सुलैमानी की पहली बर्सी के मौक़े पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम में यमनी लोगों के बलिदान के आयामों का क्षेत्र के भू-राजनीतिक स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि, यमनी राष्ट्र इन बलिदानों की कृपा से एक दिन क्षेत्र की बड़ी ताक़त में बदल जाएगा।
ईरानी राजदूत ने कहा कि यमन का इतिहास मुक़ाबले, जिहाद और प्रतिरोध से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि, इस्लामी गणतंत्र ईरान यमन के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, आक्रमणों को खारिज करता है और इस देश में जारी संकट के के लिए एक न्यायपूर्ण राजनीतिक समाधान का समर्थन करता है।
यमन में ईरान के राजदूत ने कहा कि यमनी राष्ट्र ने अपने दृढ़ संकल्प, मज़बूत इरादे से हमलों, घेराबंदियों और साम्राज्यवाद एवं ज़ायोनीवाद की षड्यंत्रकारी योजनाओं को पूरी तरह से विफल बना दिया है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका को यह समझना चाहिए कि क्षेत्र से अब साम्राज्यवाद की उपस्थिति का दौर ख़त्म हो चुका है और प्रतिरोध के माेर्चे अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति और मज़बूत इरादों के साथ अपने रास्ते को जारी रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब अमेरिका के समर्थन और संयुक्त अरब इमारात सहित कई अन्य अरब देशों के साथ मिलकर मार्च 2015 से यमन पर पाश्विक हमला कर रहा है और साथ ही सऊदी गठबंधन ने इस देश की समुद्री, ज़मीनी और हवाई घेराबंदी कर रखी है।
सऊदी अरब और उसके सहयोगियों द्वारा लगातार यमन पर किए जा रहे हमलों में अब तक 16 हज़ार से अधिक यमनियों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों की संख्या में लोग बेघर हो गए हैं। (RZ)
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