इस्राईल में दूतावास खोलने के लिए सऊदी अरब की शर्त
सऊदी अरब के सेवानिवृत्त जनरल अनवर इश्क़ी और आले सऊद शासन परिवार के निकटवर्ती सूत्रों से रिपोर्ट मिली है कि सऊदी अरब, इस्राईल में दूतावास खोलने के लिए तय्यार है।
ज़ायोनी अख़बार जेरुसलम पोस्ट ने अनवर इश्क़ी के हवाले से लिखा है, “अगर नेतनयाहू अरबों की शांति योजना को मान लें तो हम इस्राईल में अपना दूतावास खोल देंगे।”
इस इस्राइली अख़बार ने बल दिया, “अनवर इश्क़ी ने क़तरी न्यूज़ चैनल अलजज़ीरा से इंटर्व्यू में यह बात कही।” उन्होंने कहा, “ईरान की कार्यवाही के विपरीत, फ़िलिस्तीनियों को सशस्त्र करने के ख़िलाफ़ हैं क्योंकि इसका नतीजा उलटा निकलेगा।”
अनवर इश्क़ी ने, जो इससे पहले ज़ायोनी विदेश मंत्रालय के महानिदेशक डॉरे गोल्ड से मुलाक़ात कर चुके हैं, अलजज़ीरा टीवी चैनल से इंटर्व्यू में इस सवाल पर कि “इस्राईल को सऊदी अरब को अपना दूतावास खोलने में कितना समय लगेगा?” कहा, इस बारे में श्री नेतनयाहू से पूछिए! अगर वह इस बात का एलान करें कि अरबों की शांति वार्ता को स्वीकार कर रहे हैं और फ़िलिस्तीनियों को उनके सभी अधिकार दे रहे हैं तो सऊदी अरब, तेलअवीव में अपना दूतावास खोलने की प्रक्रिया शुरु कर देगा।”
अनवर इश्क़ी ने इस सवाल पर कि सऊदी अरब फ़िलिस्तीनियों का समर्थन क्यों नहीं करता, दावा किया, “हमने ईरानियों से इस विषय पर कहा की कि आप फ़िलिस्तीनियों को हथियारों की मदद देते हैं किन्तु हम उन्हें पैसों की मदद देते हैं। हम फ़िलिस्तीनियों को अच्छी ज़िन्दगी के लिए पैसे देते हैं किन्तु आप उन्हें हथियार देते हैं कि ख़ुद को तबाह कर लें।”
सऊदी अरब के इस सेवानिवृत्त जनरल से जब अलजज़ीरा के पत्रकार ने पूछा कि आपको क्या लगता है कि फ़िलिस्तीनी कैसा महसूस करते होंगे जब आप नेतनयाहू को एक शक्तिशाली नेता कहते हैं, तो उन्होंने दावा किया, “हमने एक शक्तिशाली व तार्किक नेता के बारे में बात कही है न इस अर्थ में कि वह अरबों के ख़िलाफ़ शक्तिशाली हैं। मैंने कहा कि वह अपने यहां शक्तिशाली हैं।” (MAQ/N)