सऊदी अरब का यमन में युद्धबंदी का प्रस्ताव कितना सच्चा
सऊदी अरब ने एलान किया है कि यमन युद्ध को समाप्त करने के लिए रेयाज, युद्धविराम के लिए तैयार है।
सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेन्सी "वास" के अनुसार इस देश के विदेशमंत्री फैसल बिन फ़रहान ने एक प्रेस कांफ़्रेंस में यमन में युद्ध विराम कराए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि रेयाज़ ने यमन में युद्ध रोकने के लिए एक योजना तैयार की है।
इस तथाकथित शांति योजना के अनुसार सनआ के हवाई अड्डे को खोला जाए और अलहुदैदा बंदरगाह के परिवेष्टन को कम किया जाएगा। फैसल बिन फरहान का कहना था कि रेयाज़ अपनी इस योजना के माध्यम से यमन में शांति स्थापित करना चाहता है। उन्होंने एक शर्त यह लगाई है कि यमन की राष्ट्रीय मुक्ति सरकार भी इसका समर्थन करे जिसका एक हाग अंसारुल्लाह भी है। सऊदी अरब का कहना है कि हम यमन में संयुक्त राष्ट्रसंघ के नेतृत्व में व्यापक युद्ध विराम के इच्छुक हैं।
सऊदी अरब की तथाकथित युद्धबंदी के प्रस्ताव के बारे में अंसारुल्लाह के नेता मुहम्मद बिन अब्दुस्सलाम ने कहा है कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी शांति योजना या शांति प्रस्ताव उस समय तक अर्थ पैदा नहीं कर सकता जबतक उसमें यह स्वीकार न किया जाए कि यमन पर हमला किया गया है और वह इस समय परिवेष्टन में है।
याद रहे कि यमन युद्ध अब सातवें साल में दाखिल होने जा रहा है। यमन की सेना के प्रवक्ता ने बताया है कि पिछले छह वर्षों के दौरान सऊदी गठबंधन ने यमन पर जो हमले किये हैं उनसे इस देश की मूलभूत संरचना को बहुत क्षति पहुंची है। सऊदी गठबंधन के हमलों से जहां यमन को व्यापक स्तर पर आर्थिक क्षति हुई है वहीं पर इस युद्ध में हज़ारों निर्दोष लोग भी मारे गए हैं। देखा यह गया है कि जब भी यमन की सेना की ओर से सऊदी अरब के विरुद्ध प्रभावशाली कार्यवाही की जाती है उसके तुरंत बाद सऊदी अरब की ओर से संघर्ष विराम की बातें कही जाने लगती हैं।