इराक़ में 8 परमाणु रिएक्टर बनाने की योजना तैयार
बिजली की भारी कमी झेल रहे पैट्रोल से मालामाल इराक़ ने परमाणु रिएक्टर बनाने की योजना बनाई है, ताकि व्यापक ब्लैकआउट पर क़ाबू पाया जा सके, जो देश में सामाजिक अशांति को जन्म दे रहा है।
ओपेक में दूसरे नंबर का तेल उत्पादक देश, पहले से ही बिजली की भारी कमी और पुराने संयंत्रों में अपर्याप्त निवेश से पीड़ित है और दशक के अंत तक वहां बिजली की मांग में 50 फ़ीसद तक का उछाल हो सकता है।
इराक़ परमाणु संयंत्रों के निर्माण से, बिजली की आपूर्ति की कमी को पूरा कर सकता है, हालांकि बग़दाद को अपनी इस योजना को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
इराक़ी रेडियोएक्टिव सोर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी के प्रमुख कमाल हुसैन लतीफ़ का कहना है कि इराक़ लगभग 11 गीगावाट उत्पादन के लिए 8 रिएक्टरों का निर्माण करना चाहता है। इस योजना पर 20 वर्षों के दौरान 40 अरब डॉलर की लागत आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि इराक़ी अधिकारियों ने इसके लिए रूसी और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ सहयोग पर चर्चा की है।
पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतों में भारी गिरावट के कारण इराक़ को ख़र्चों की आपूर्ति में बजट की कमी का सामना करना पड़ा था। आतंकवाद और युद्ध ग्रस्त इस अरब देश में बिजली की कमी और जर्जर आधारभूत ढांचे के कारण प्रदर्शन भड़क उठे थे, जिससे सरकार के लिए गंभीर ख़तरा उत्पन्न हो गया था।
लतीफ़ ने ब्लूमबर्ग से बात करते हुए कहाः परमाणु ऊर्जा के बिना 2030 तक हम बड़ी परेशानी में पड़ सकते हैं। न केवल बिजली की आपूर्ति में कमी और बढ़ती मांग एक चुनौती है, बल्कि पानी की कमी से भी एक बड़ा संकट उत्पन्न हो सकता है। msm