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तो फिर पश्चिमी उदारवाद कहां है? अमेरिका और यूरोप के लिब्रलिज़म को लेकर हुआ बड़ा ख़ुलासा
May ०५, २०२४ १४:०४आज दो बड़ी सच्चाईयां पूरी तरह स्पष्ट और साफ़ हो चुकी हैं। पहली, अमेरिकी उदारवाद या लिब्रलिज़म का धोखा या गिरावट और दूसरा, अमेरिकी राजनीति, तर्क और प्रबंधन का ज़ायोनियों के हाथों में क़ैद होना।
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ईरान के भूतपूर्व विदेशमंत्री की नज़र से फ़ार्स की खाड़ी की तटवर्ती सरकारों की रणनीतिक ग़लतियां
May ०५, २०२४ १२:१६जवाद ज़रीफ़ कहते हैं कि सुरक्षा कोई ख़रीदने वाली चीज़ नहीं है।
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पूर्वी गठबंधन अमेरिकी व्यवस्था को कैसे चुनौती देता है?
May ०४, २०२४ १४:१५पार्सटुडेः अमेरिकी पत्रिका "फॉरेन अफेयर्स" ने 2 लेखों में रूस, चीन, ईरान और उत्तर कोरिया के बीच गठबंधन के कारणों और उसके परिणामों को लेकर चर्चा की।
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मैक कार्थीइज़्म के घुटन भरे माहौल की ओर लौट रहा है अमरीका, अभिव्यक्ति की आज़ादी और आलोचना की स्वतंत्रता पर सीधा हमला
May ०४, २०२४ ११:३३पार्स टुडे- अमरीका में इस समय राजनैतिक और मीडिया संस्थान जिनमें लिबरल और कंज़रवेटिव दोनों प्रकार के संस्थान शामिल हैं उन लोगों और संस्थाओं पर सीधे हमले कर रहे हैं जो अमरीका की विदेश नीति की आलोचना में ज़बान खोलना चाहते हैं। शांति के समर्थकों से विरोध और अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनी जा रही है।
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अमेरिकियों की नई पीढ़ी, इस्राईल को कैसा देखती है?
May ०२, २०२४ १३:२९पार्सटुडे - अप्रैल में जारी होने वाले एक सर्वे के अनुसार, अमेरिकियों की नई पीढ़ी, अपनी पुरानी पीढ़ियों के ख़िलाफ़, इस्राईलियों की तुलना में फिलिस्तीनियों के बारे में अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है।
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इमाम ख़ामेनेईः इस्राईल से संबंधों को सामान्य बनाने से समस्या का समाधान नहीं होता, फ़िलिस्तीन को उसके असली मालिकों को वापस लौटाना होगा
May ०१, २०२४ १४:२८पार्सटुडेः इमाम ख़ामेनेई ने बुधवार को शिक्षक दिवस (शहीद मुताह्हरी की शहादत की सालगिरह) पर पूरे ईरान के हज़ारों शिक्षकों और बुद्धिजीवियों के साथ मुलाक़ात में, अमेरिका और अन्य देशों में फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन में प्रदर्शनों के विस्तार को इस बात की निशानी बताया कि विश्व जनमत के स्तर पर ग़ज़ा का मसला प्राथमिकता के रूप में ज़िंदा है।
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कंबोडिया के लोग अब भी गहरे रंग की मिट्टी से डरते हैं/ उसकी वजह अमेरिका ने जो अत्याचार उन पर ढ़ाया है
May ०१, २०२४ १६:०३पार्सटुडे- अमेरिका ने कंबोडिया पर जो बमबारी की उसके बारे में अनुमान लगाया जाता है कि पांच लाख टन से अधिक बम और बारुत कंबोडिया के एक लाख 13 हज़ार से अधिक लोगों पर गिराये गये।
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इस्राईल के निंबस प्रोजेक्ट का विरोध क्यों कर रहे हैं गूगल के कर्मचारी, क्या है निंबस प्रोजेक्ट?
May ०१, २०२४ ०७:५२गूगल ने अपने कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, लेकिन इसके बावजूद, इस कंपनी में इस्राईल-गूगल निंबस प्रोजेक्ट का विरोध कम नहीं हो रहा है।
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सिर्फ़ इंसानियत ही काफ़ी है, अमेरिकी विश्वविद्यालयों की घटनाओं पर ईरानी विश्लेषकों की राय
Apr ३०, २०२४ ०७:४४पार्सटुडे- एक विश्लेषक के अनुसार, पश्चिमी राजनीति ने लोकतंत्र, मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को एक हथकंडे के रूप में इस्तेमाल किया है और अब यह उस बिंदु पर पहुंच गया है जहां न केवल क्लर स्कीन के लोग नस्लीय भेदभाव के ख़िलाफ लड़ते हैं, बल्कि शिक्षाविद और यहां तक कि कुछ अमेरिकी राजनेता भी इस बुराई से लड़ते नज़र आ रहे हैं यहां तक कि इस देश के अधिकारियों के बच्चों ने भी आवाज़ उठाई है।
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मादुरो के साथ मुलाक़ात में विश्व अहलेबैत परिषद के महासचिव ने शिया मुसलमानों की बताई पहचान, तर्कसंगतता, आध्यात्मिकता और न्याय शिया विचार के तीन मुख्य बिन्दू
Apr २९, २०२४ १५:१४पार्सटुडेः विश्व अहलेबैत परिषद के महासचिव हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलेमीन श्री रज़ा रमज़ानी ने वेनेज़ुएला की अपनी यात्रा के दौरान इस देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से मुलाक़ात की और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।