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आतंकी इस्राईल के ठिकानों पर हिज़्बुल्लाह का हल्ला बोल, हमले के जारी वीडियो ने नेतन्याहू के भी उड़ाए होश+ वीडियो
Oct १९, २०२३ ११:०३लेबनानी सूत्रों ने सूचना दी है कि शबआ और कफ़र शूबा में आतंकी ज़ायोनी सेना के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हिज़्बुल्लाह ने मिसाइल हमले किए हैं।
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बाइडन द्वारा ग़ज्ज़ा पर इस्राईल के बर्बर हमलों के समर्थन से आहत होकर अमरीका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया
Oct १९, २०२३ ०८:४०अमरीकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा ग़ज्ज़ा पर इस्राईल के हमलों के समर्थन से आहत होकर, अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।
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अमेरिका ने वीटो कर दिया
Oct १८, २०२३ १९:०१अमेरिका ने आज राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद में उस प्रस्ताव को पारित होने से एक बार फिर वीटो कर दिया जिसमें ग़ज़्ज़ा पट्टी के लोगों के लिए मानवता प्रेमी सहायता पहुंचाने के लिए युद्ध विराम की मांग की गयी थी।
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इस्राईल के पाश्विक हमलों के ख़िलाफ़ ईरान की सड़कों पर उतरा जनसैलाब, इस्राईल और अमेरिका मुर्दाबाद के लगे नारे+ वीडियो
Oct १८, २०२३ १६:१४आतंकी इस्राईल द्वारा ग़ाज़ा "अलमअमदानी" अस्पताल पर किए गए पाश्विक हमले में शहीद होने वाले एक हज़ार से अधिक लोगों और विशेषकर बच्चों के समर्थन में बुधवार को पूरे ईरान की सड़कों पर जनसैलाब देखने को मिला। ज़ायोनी शासन के अत्याचारों के ख़िलाफ़ लोगों की आंखों में साफ़ ग़ुस्सा देखा जा सकता था।
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यह कैसे वहशी जानवर हैं जो केवल बच्चों के ख़ून के प्यासे हैं? चुन-चुनकर फ़िलिस्तीनी मासूमों का नरसंहार करता इस्राईल+ वीडियो
Oct १८, २०२३ १२:१८बहुत से लोग यह सवाल करते हैं कि आख़िर फ़िलिस्तीनियों में इतना आक्रोश क्यों देखा जाता है। तो उनकी जानकारी के लिए यह बता दें कि जब माओं की गोद उजड़ती है तो ज़मीन कांप जाती है, आसमान भी ख़ून के आंसू रोता है तो फिर यह तो इंसान हैं जो अपने बच्चों के नरसंहार पर केवल अपना ग़ुस्सा ही दिखा रहे हैं। ज़रा कल्पना करके देखें कि हज़ारों की संख्या में आपके सामने बच्चों की लाशें हों और उनके क़ातिल को दुनिया शाबाशी दे रही हो।
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अकेले दौड़कर पहले स्थान पर आना चाहती हैं आजकल की सरकारें! लोकतंत्र का दावा करने वाले केवल सरकारी तंत्र के हैं सहारे
Oct १७, २०२३ १६:०९आजकल अगर पूरी दुनिया पर नज़र डाली जाए तो शायद ही कुछ देश ही मिलेंगे कि जहां सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था से चल रही है। नहीं तो ज़्यादातर देशों और राज्यों की स्थिति देखने से पता चलता है कि वहां की सरकारें केवल और केवल सरकारी तंत्र और बल के सहारे ही अपना काम कर रही होती हैं। उदाहरण के तौर पर देश का संविधान यह कहता है कि अगर कोई शांति के साथ अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करना चाहता है तो उसको इस बात की पूरी आज़ादी होगी। लेकिन ज़मीन पर बिल्कुल ऐसा नहीं है।
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अगर ज़ोयोनी शासन के अपराध जारी रहे तो फिर रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ को कोई रोक नहीं पाएगा
Oct १७, २०२३ ११:५४इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने फ़िलिस्तीन में जारी वाक़यात को, ज़ायोनी सरकार का खुल्लम खुल्ला जुर्म और पूरी दुनिया की नज़रों के सामने खुला नस्ली सफ़ाया बताया और कहा कि हमारे अधिकारियों से बातचीत में कुछ मुल्कों के अधिकारियों का एतेराज़ यह था कि क्यों फ़िलिस्तीनियों ने ग़ैर फ़ौजियों को क़त्ल किया है?
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ग़ाज़ा की दुकानों में सिर्फ़ चार दिन का राशन बचा हैः संयुक्त राष्ट्र
Oct १७, २०२३ १३:३०संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम ने कहा है कि ग़ाज़ा पट्टी स्थिति बहुत तेज़ी से ख़राब हो रही है जबकि वहां दुकानों में केवल चार या पांच दिन का राशन बचा है।
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फ़िलिस्तीन अभी ज़िन्दा है, अलअक़्सा तूफ़ान ने बहुत सारी तस्वीरों को किया साफ़, एक झटके में नेतन्याहू का सपना हुआ चकनाचूर!
Oct १७, २०२३ १३:२४एक ओर 75 वर्षों से फ़िलिस्तीनी जनता का ख़ून बहाने वाला अवैध आतंकी शासन इस्राईल है और दूसरी ओर सात दशक पहले दर-दर भटक रहे यहूदियों को सिर छिपाने के लिए अपनी जगह देने वाले दयालु, बाहदुर, धैर्यवान और इस समय दुनिया की सबसे पीड़ित फ़िलिस्तीनी जनता है। हंसी के साथ-साथ शर्म आती है उन नेताओं, पत्रकारों और संस्थाओं पर जो फ़िलिस्तीन के संघर्षकर्ताओं को आतंकवादी और इस्राईली आतंकियों को आत्मरक्षा करने वाले सिपाही बता रहे हैं।
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आतंकवाद से मुक़ाबले के नाम पर आतंक के सबसे बड़े समर्थक बने अमेरिका और यूरोपीय देश! हमास और इस्राईल युद्ध में बिकाऊ मीडिया की भी खुली पोल
Oct १६, २०२३ १५:३३हमास और इस्राईल के बीच भयानक युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के नुक़सान का अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकता। नुक़सान दोनों तरफ हो रहा है। फ़र्क़ सिर्फ इतना है कि इस्राईल के पास नवीनतम हथियार, लाखों प्रशिक्षित सैनिक, एक रक्षा प्रणाली के साथ-साथ विश्व शक्तियां उसका समर्थन कर रही हैं। दूसरी तरफ, केवल हमास है, जिसके पास हज़ारों सैनिक हैं। कोई नई तकनीक नहीं, कोई नए हथियार नहीं, कोई रक्षा प्रणाली नहीं।