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तुर्क सांसद ने पेश कर दिया ग्रेटर तुर्की का नक़्शा, यूनान, इराक़ और सीरिया के भी कई इलाक़ों पर दावा, क्या अर्दोग़ान उसमानी ख़लीफ़ा बनने का सपना देख रहे हैं? ऐतिहासिक सीरियलों का क्या है रोल?
Aug ३१, २०२० १५:१०ऐसा लगता है कि तुर्की की नज़रें उसमानी ख़िलाफ़त या ओटोमन ऐम्पायर वाले दौर पर लगी हुई हैं और वह देश के भीतर बड़े बदलाव करने के साथ ही बड़े योजनाबद्ध रूप से अपनी भौगोलिक सीमाओं के विस्तार की कोशिश में लग गया है।
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वीडियो रिपोर्टः संयुक्त अरब इमारत के कारण पूरा अरब और इस्लामी जगत हुआ शर्मसार, कैसे कोई अरब देश मुसलमानों से ग़द्दारी कर सकता है?
Aug १९, २०२० २०:३८आज कल बग़दाद के लोगों के बीच कोरोना की चर्चा कम हो गई है क्योंकि यहां के लोग अब एक नए विषय की ज़्यादा बात कर रहे हैं और वह विषय एक अरब देश की ज़ायोनी शासन के साथ मिलकर की गई साज़िश है। इस साज़िश को लेकर जब हमने शहर के विभिन्न इलाक़ों में लोगों से बात की तो उन्होंने कहा ... ऐसे सभी देश जो इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं, वास्तव में वे सभी अमेरिका के ग़ुलाम हैं, उनका अपना कोई आत्म सम्मान नहीं है और ख़ुद को एक ...
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अरब शासक अगर मुसलमानों का सम्मान नहीं कर सकते तो कम से कम अपमान तो न करें! एक बड़ा इंतेफ़ाज़ा इस्लामी दुनिया की राह देख रहा है
Aug १५, २०२० १८:५९लेबनान के प्रतिरोध ने वर्ष 1982 की हार की कोख से जन्म लिया था जबकि फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध कैम्प डेविड समझौते की साज़िशों को मात देते हुए अस्तित्व में आया था, इसलिए यह कहा जा सकता है कि क्योंकि एक नया और बड़ा इंतेफ़ाज़ा इस्लामी दुनिया की राह देख रहा है।
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सब कुछ होते हुए भी अरबों को क्यों फैलाना पड़ रहा है हाथ? अरब देशों की इस हालत का कौन है ज़िम्मेदार?
Jul २१, २०२० १०:४६कोरोना वायरस की महामारी ने एक ओर जहां स्वास्थ्य के हवाले से दुनियाभर में हंगामा मचा दिया वहीं इसके कारण कई अर्थव्यव्थाएं भी घुटनों पर आ गईं, यहां तक कि वे अरब देश जिन्हें हमेशा बेहद अमीर और मालदार समझा जाता था वे भी अब क़र्ज़ मांगने पर मजबूर हो गए हैं।
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वीडियो रिपोर्टः “सच्चाई छिप नहीं सकती बनावट के उसूलों से” इराक़ को लेकर पश्चिमी मीडिया की घिनौनी साज़िश से उठा पर्दा!
Jul ०९, २०२० २०:४५आजकल पश्चिम देशों का अरबी भाषी मीडिया इराक़ की ताज़ा स्थिति के बारे में मनगढ़ंत रिपोर्टें दे रहा है, इसका उद्देश्य इराक़ के शांति-सुरक्षा और राजनीतिक व्यवस्था को नुक़सान पहुंचाना है। जहां उनके निशाने पर स्वयंसेवी बल और आतंकवाद विरोधी बल हैं वहीं वह जनता और सरकार के बीच दूरी पैदा करने की साज़िश में हैं ... यह वही मीडिया हलक़े हैं जो दाइश को अस्तित्व में लाए हैं और आतंकवादी गुट की पराजय के साथ ही उन्होंने अपनी विश्वसनीयता भी खो दी है ....
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वीडियो रिपोर्टः आख़िर कुछ अरब देश क्यों सांप को दूध पिलाना चाहते हैं? इन अरब देशों को किस बात का है डर?
Jun १३, २०२० २०:१२फ़िलिस्तीनियों के मूल अधिकारों को नज़र अंदाज़ करके इस्राईल से रिश्तों की स्थापना की वकालत करने वाले इमाराती राजदूत की व्यापक आलोचना के बावजूद, इस देश की विदेश मामलों की सलाहकार हिंद अल-उतैबा ने इस्राईल को अरबों का रणनीतिक साझेदार बता दिया। उन्होंने एक ट्वीट करके कहा कि हम यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि इस्राईल हमारे लिए एक अवसर है न कि दुश्मन। उनका कहना था कि हमें और इस्राईल को संयुक्त ख़तरों का सामना है। इसलिए हमारा मानना है कि रिश्तों को अधिक मज़बूत बनाए जाने की ज़रूरत है।
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इस्राईल की साज़िश नाकाम बनाने के लिए 40 अरब और इस्लामी देशों के नाम हनिया का ख़त
Jun १०, २०२० ०८:५९फ़िलिस्तीनी के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख ने 40 इस्लामी और अरब देशों के प्रमुखों को अलग-अलग ख़त भेजा है। उन्होंने अपने इस पत्र के ज़रिए वेस्ट बैंक के कुछ इलाक़ों को अधिकृत क्षेत्रों में शामिल करने की इस्लाईल की साज़िश को नाकाम बनाने के लिए इन सभी देशों की ओर से जल्द कोई क़दम उठाए जाने की मांग की है।
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कोरोना से अरब देशों को अरबों डाॅलर का नुक़सान
May ०९, २०२० ०९:४३वैश्विक महामारी कोरना वायरस या कोविड-19 से अरब देशों को 300 अरब डाॅलर से अधिक की क्षति हो चुकी है।
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भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत और हिंसा पर क्यों आक्रोश में आ गए अरब, क्या दुनिया भर में फैली चिंता को नज़रअंदाज़ कर पाएगी मोदी सरकार?
May ०१, २०२० २०:२५पिछले दो हफ़्ते के दौरान इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी, कुवैत सरकार, इमारात की एक राजकुमारी और बहुत सारे अरब एक्टीविस्ट्स ने भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरी बयानबाज़ी का नोटिस लिया है। चरमपंथी हिंदू, मुसलमानों को कोरोना वायरस फैलाने का दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
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ईरानः जैसे ही ख़तरा महसूस हुआ अमरीकी ठिकानों पर बरसेंगे मिसाइल, कुछ अरब सरकारें अमरीका को ग़ुडा टैक्स देती हैं
Apr ३०, २०२० १२:४०ईरान में इस्लामी व्यवस्था हित संरक्षक परिषद के सचिव मोहसिन रेज़ाई ने चेतावनी दी है कि युद्ध की शुरुआत करना तो अमरीका के हाथ में है लेकिन उसे ख़त्म करना हरगिज़ अमरीका के हाथ में नहीं बल्कि ईरान के हाथ में होगा।