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वीडियो रिपोर्टः फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के अस्ल मुजरिमों के चेहरे आने लगे सामने, ग़द्दारों को सबक़ सिखाने की प्रतिरोध के जियालों ने खाई क़सम
Mar ३१, २०२१ १५:०४कुछ अरब देशों ने ज़ायोनी शासन से संबंधों को सामान्य बनाये जाने की प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया है और फ़िलिस्तीनी प्रशासन भी जायोनी शासन से संबंधों को सामान्य बनाने और सांठ- गांठ की चेष्टा है। एसी स्थिति में सीरिया में रहने वाले फिलिस्तीनियों ने एक कांफ्रेन्स में इस प्रक्रिया की भर्त्सना की और उसे धर्म और फिलिस्तीनी राष्ट्र से विश्वासघात बताया। फिलिस्तीनी जनता व लोग प्रतिरोध के अभिन्न अंग हैं और वे अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। फिलिस्तीनी, जायोनी शासन के साथ संबंधों को ....
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वीडियो रिपोर्टः नेतनयाहू आख़िर अरब देशों के साथ संबंध सामान्य करने का प्रचार करके किसका और किससे ध्यान भटकाना चाह रहे हैं?
Dec १५, २०२० १५:४८नेतनयाहू प्रदर्शनकारियों को यह समझाने के लिए कुछ ज़्यादा ही कोशिश कर रहे हैं कि वह उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित बनाएंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि अब कोई रास्ता नहीं बचा है ... इसके बावजूद के प्रदर्शनकारियों का दमन और उनकी गिरफ़्तारियों का सिलसिला जारी है, प्रदर्शनकारी लगातार सड़कों पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों के लिए अरब देशों के साथ संबंध स्थापित होना कोई महत्व नहीं रखता है, वे केवल ...
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अमेरिकी चुनाव में सबसे बड़ी हार किसकी? न घर के रहे न घाट के, अब क्या होगा?
Nov ०७, २०२० १३:३४अरब देशों के शासक कि जिन्होंने बोरी भर-भरकर ट्रम्प को गुंडा टैक्स दिया है वह अब पूरी तरह बर्बाद होते नज़र आ रहे हैं। अब इन्हीं अरब देशों के शासकों को एक बार फिर से ट्रम्प की जगह बाइडेन पर पैसा लगाना पड़ेगा, इसलिए कहा जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में अगर किसी की सबसे बड़ी हार हुई है तो वह यही अरब शासक हैं।
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तुर्क सांसद ने पेश कर दिया ग्रेटर तुर्की का नक़्शा, यूनान, इराक़ और सीरिया के भी कई इलाक़ों पर दावा, क्या अर्दोग़ान उसमानी ख़लीफ़ा बनने का सपना देख रहे हैं? ऐतिहासिक सीरियलों का क्या है रोल?
Aug ३१, २०२० १०:४०ऐसा लगता है कि तुर्की की नज़रें उसमानी ख़िलाफ़त या ओटोमन ऐम्पायर वाले दौर पर लगी हुई हैं और वह देश के भीतर बड़े बदलाव करने के साथ ही बड़े योजनाबद्ध रूप से अपनी भौगोलिक सीमाओं के विस्तार की कोशिश में लग गया है।
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वीडियो रिपोर्टः संयुक्त अरब इमारत के कारण पूरा अरब और इस्लामी जगत हुआ शर्मसार, कैसे कोई अरब देश मुसलमानों से ग़द्दारी कर सकता है?
Aug १९, २०२० १६:०८आज कल बग़दाद के लोगों के बीच कोरोना की चर्चा कम हो गई है क्योंकि यहां के लोग अब एक नए विषय की ज़्यादा बात कर रहे हैं और वह विषय एक अरब देश की ज़ायोनी शासन के साथ मिलकर की गई साज़िश है। इस साज़िश को लेकर जब हमने शहर के विभिन्न इलाक़ों में लोगों से बात की तो उन्होंने कहा ... ऐसे सभी देश जो इस्राईल के साथ अपने संबंधों को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं, वास्तव में वे सभी अमेरिका के ग़ुलाम हैं, उनका अपना कोई आत्म सम्मान नहीं है और ख़ुद को एक ...
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अरब शासक अगर मुसलमानों का सम्मान नहीं कर सकते तो कम से कम अपमान तो न करें! एक बड़ा इंतेफ़ाज़ा इस्लामी दुनिया की राह देख रहा है
Aug १५, २०२० १४:२९लेबनान के प्रतिरोध ने वर्ष 1982 की हार की कोख से जन्म लिया था जबकि फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध कैम्प डेविड समझौते की साज़िशों को मात देते हुए अस्तित्व में आया था, इसलिए यह कहा जा सकता है कि क्योंकि एक नया और बड़ा इंतेफ़ाज़ा इस्लामी दुनिया की राह देख रहा है।
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सब कुछ होते हुए भी अरबों को क्यों फैलाना पड़ रहा है हाथ? अरब देशों की इस हालत का कौन है ज़िम्मेदार?
Jul २१, २०२० ०६:१६कोरोना वायरस की महामारी ने एक ओर जहां स्वास्थ्य के हवाले से दुनियाभर में हंगामा मचा दिया वहीं इसके कारण कई अर्थव्यव्थाएं भी घुटनों पर आ गईं, यहां तक कि वे अरब देश जिन्हें हमेशा बेहद अमीर और मालदार समझा जाता था वे भी अब क़र्ज़ मांगने पर मजबूर हो गए हैं।
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वीडियो रिपोर्टः “सच्चाई छिप नहीं सकती बनावट के उसूलों से” इराक़ को लेकर पश्चिमी मीडिया की घिनौनी साज़िश से उठा पर्दा!
Jul ०९, २०२० १६:१५आजकल पश्चिम देशों का अरबी भाषी मीडिया इराक़ की ताज़ा स्थिति के बारे में मनगढ़ंत रिपोर्टें दे रहा है, इसका उद्देश्य इराक़ के शांति-सुरक्षा और राजनीतिक व्यवस्था को नुक़सान पहुंचाना है। जहां उनके निशाने पर स्वयंसेवी बल और आतंकवाद विरोधी बल हैं वहीं वह जनता और सरकार के बीच दूरी पैदा करने की साज़िश में हैं ... यह वही मीडिया हलक़े हैं जो दाइश को अस्तित्व में लाए हैं और आतंकवादी गुट की पराजय के साथ ही उन्होंने अपनी विश्वसनीयता भी खो दी है ....
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वीडियो रिपोर्टः आख़िर कुछ अरब देश क्यों सांप को दूध पिलाना चाहते हैं? इन अरब देशों को किस बात का है डर?
Jun १३, २०२० १५:४२फ़िलिस्तीनियों के मूल अधिकारों को नज़र अंदाज़ करके इस्राईल से रिश्तों की स्थापना की वकालत करने वाले इमाराती राजदूत की व्यापक आलोचना के बावजूद, इस देश की विदेश मामलों की सलाहकार हिंद अल-उतैबा ने इस्राईल को अरबों का रणनीतिक साझेदार बता दिया। उन्होंने एक ट्वीट करके कहा कि हम यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि इस्राईल हमारे लिए एक अवसर है न कि दुश्मन। उनका कहना था कि हमें और इस्राईल को संयुक्त ख़तरों का सामना है। इसलिए हमारा मानना है कि रिश्तों को अधिक मज़बूत बनाए जाने की ज़रूरत है।
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इस्राईल की साज़िश नाकाम बनाने के लिए 40 अरब और इस्लामी देशों के नाम हनिया का ख़त
Jun १०, २०२० ०४:२९फ़िलिस्तीनी के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख ने 40 इस्लामी और अरब देशों के प्रमुखों को अलग-अलग ख़त भेजा है। उन्होंने अपने इस पत्र के ज़रिए वेस्ट बैंक के कुछ इलाक़ों को अधिकृत क्षेत्रों में शामिल करने की इस्लाईल की साज़िश को नाकाम बनाने के लिए इन सभी देशों की ओर से जल्द कोई क़दम उठाए जाने की मांग की है।