Pars Today

Hindi
  • होम
  • रेडियो
  • Albanian shqip
  • Armenian Հայերեն
  • Assyrian ܐܬܘܪ̈ܝܐ
  • Azeri Azəri
  • Bangla বাংলা
  • Chinese 中文
  • Dari دری
  • English English
  • French français
  • German Deutsch
  • Hausa Hausa
  • Hebrew עברית
  • Hindi हिन्दी
  • Indonesian Bahasa Indonesia
  • Italian Italiano
  • Japanese 日本語
  • Kazakh қазақ тілі
  • Kiswahili Kiswahili
  • Pashto پښتو
  • Persian فارسی
  • Russian Русский
  • Spanish Español
  • Tajik Тоҷик
  • Taleshi Tolışə
  • Turkish Türkçe
  • Turkmen Türkmen
  • Uzbek узбек
  • विश्व
  • पश्चिमी एशिया
  • ईरान
  • धर्म
  • पार्स पीडिया
  • डिस-इन्फ़ो

आशूरा

  • अब समझ में आया कि कर्बला में 72 क्यों थे? क्रूर शासकों के दबाव में पहले भी इंसानियत के मददगार को अकेला छोड़ा जा चुका है

    अब समझ में आया कि कर्बला में 72 क्यों थे? क्रूर शासकों के दबाव में पहले भी इंसानियत के मददगार को अकेला छोड़ा जा चुका है

    Oct १८, २०२३ १७:३०

    इस्लाम एक ऐसा धर्म है जो किसी धर्म की बुराई करने से रोकता है। इस्लाम ने हमेशा अधर्मियों के विरुद्ध मार्चा खोला है। पवित्र क़ुरआन में अल्लाह यह आदेश देता है कि किसी के झूठे ख़ुदाओं को भी बुरा न कहो। साथ ही इस्लाम किसी भी बेगुनाह की हत्या को भी पूरी तरह इंसानियत के ख़िलाफ़ काम मानता है।

  • भारत और पाकिस्तान में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम पर निकले पारंपरिक तरीक़े से जुलूस

    भारत और पाकिस्तान में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम पर निकले पारंपरिक तरीक़े से जुलूस

    Sep ०७, २०२३ १६:४०

    भारत और पाकिस्तान में गुरुवार को इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों का चेहलुम मनाया गया। इस मौक़े पर इन दोनों देशों के लगभग सभी छोटे-बड़े शहरों में पारंपारिक तरीक़े से जुलूस निकले।

  • इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपना ख़ून दिया ताकि दुनिया को अज्ञानता से दूर रख सकें: राष्ट्रपति रईसी

    इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपना ख़ून दिया ताकि दुनिया को अज्ञानता से दूर रख सकें: राष्ट्रपति रईसी

    Sep ०६, २०२३ १४:३६

    इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि पैदल मार्च करने वाला विशाल जनसमूह इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के प्रति प्रेम और स्नेह को बयान करता है।

  • आतंकी गुटों के निशाने पर आख़िर क्यों रहते हैं शिया मुसलमानों के पवित्र स्थल और धार्मिक हस्तियां? वजह जानकर आपको भी होगी हैरानी!

    आतंकी गुटों के निशाने पर आख़िर क्यों रहते हैं शिया मुसलमानों के पवित्र स्थल और धार्मिक हस्तियां? वजह जानकर आपको भी होगी हैरानी!

    Aug १४, २०२३ १९:१५

    हर सुबह मीडिया के माध्यम से मिलने वाले समाचारों में आतंकी हिंसा के बारे में कोई बुरी ख़बर ज़रूर होती है। शायद ही कोई दिन ऐसा गुज़रता है जिस दिन दुनिया के किसी न किसी हिस्से में किसी न किसी आतंकी घटना में लोगों की बलि न चढ़ती हो। दरअसल आतंकवाद, युद्ध का एक नया रूप हो गया है जो किसी सीमा को नहीं मानता और जिसका कोई स्पष्ट चेहरा भी नहीं होता। यह आतंकवाद आधुनिक तकनीक के साथ जुड़कर दुनिया में क़हर बरपा कर रहा है। साथ ही दुनिया में सबसे ज़्यादा आतंकवाद की अगर कोई बलि चढ़ा है तो वह हैं शिया मुसलमान।

  • क्या आप जानते हैं कि आशूरा का आंदोलन क्यों अमर हो गया? अरबईन के मौक़े पर कर्बला में ऐसा क्या दिखता है कि जिसका बयान करना असंभव है!

    क्या आप जानते हैं कि आशूरा का आंदोलन क्यों अमर हो गया? अरबईन के मौक़े पर कर्बला में ऐसा क्या दिखता है कि जिसका बयान करना असंभव है!

    Aug ०६, २०२३ १६:१३

    जैसे-जैसे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम क़रीब आता है, उनके चाहने वालों में एक विशेष प्रकार का जोश और जज़्बा जागने लगता है। पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र परिजनों के कथनों में बताया गया है कि मोमिन की एक निशानी, अरबईन की ज़ियारत है। इमाम हुसैन के चेहलुम के दिन करबला में उपस्थिति का अपना एक विशेष महत्व है।  इस दिन करबला में जो चीज़ दिखाई देती है उसका बयान करना संभव ही नहीं। क्योंकि उसको देखने के लिए अरबईन के मौक़े पर कर्बला में होना और अपनी आंखों से देखना ज़रूरी है।

  • हुसैनियों ने बनाया नया रिकॉर्ड, आशूरा में यह हाल है तो अरबईन में क्या होगा? +वीडियो

    हुसैनियों ने बनाया नया रिकॉर्ड, आशूरा में यह हाल है तो अरबईन में क्या होगा? +वीडियो

    Jul ३०, २०२३ १५:५२

    इराक़ी संसद सेवा आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा है कि 10 मुहर्रम को एक करोड़ 60 लाख इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के अज़ादारों ने पवित्र नगर कर्बला में प्रवेश किया। जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।

  • आशूरा का दिन, इमाम हुसैन (अ) के क़ब्र की मिट्टी, जो देखते ही देखते ख़ून में बदल गई+ वीडियो

    आशूरा का दिन, इमाम हुसैन (अ) के क़ब्र की मिट्टी, जो देखते ही देखते ख़ून में बदल गई+ वीडियो

    Jul २९, २०२३ १९:१०

    इस समय पूरी दुनिया हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों के ग़म में डूबी हुई है। कहीं शुक्रवार तो कहीं शनिवार को मोहर्रम की दस तारीख़ थी। इराक़, भारत और पाकिस्तान समेत कई देशों में 29 जुलाई को आशूरा मनाया जा रहा है।

  • आशूरा के मौक़े पर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने फिर किया इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को याद

    आशूरा के मौक़े पर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने फिर किया इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को याद

    Jul २९, २०२३ १८:४७

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशूरा के अवसर पर पैग़म्बरे इस्लाम (स) के प्राण प्रिय नवासे और मानवता के ध्वजवाहक हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बलिदान को याद किया।

  • वीडियो रिपोर्टः कश्मीर में दस मोहर्रम का निकला जुलूस, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दी कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि

    वीडियो रिपोर्टः कश्मीर में दस मोहर्रम का निकला जुलूस, उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दी कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि

    Jul २९, २०२३ १८:२७

    भारत प्रशासित कश्मीर में तीन दशकों के बाद मोहर्रम के जुलूसों पर से हटी पाबंदियों ने इस क्षेत्र के अज़ादारों को खुलकर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का शोक मनाने की आज़ादी दी है, वहीं जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल ने भी आशूरा के जुलूस में भाग लिया और कर्बला वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं श्रीनगर से हमारे संवादादाता सिब्ते मोहम्मद हसन।

  • ज़बान पर या हुसैन, आंखों में आंसू, शोक में डूबा ईरान

    ज़बान पर या हुसैन, आंखों में आंसू, शोक में डूबा ईरान

    Jul २८, २०२३ ०८:२०

    ईरान समेत बहुत से देशों में शुक्रवार को बड़ी श्रद्धा के साथ पैग़म्बरे इस्लाम (स) के प्राण प्रिय नवासे हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत का दिन मनाया जा रहा है।

अधिक...
टॉप न्यूज़
  • क्या अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी में दरार बिना शर्त सहयोग के अंत का संकेत है?

    क्या अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी में दरार बिना शर्त सहयोग के अंत का संकेत है?

    ७ hours ago
  • होंडुरास के राष्ट्रपति चुनावों में ट्रंप का हस्तक्षेप, क्या मकसद है?

  • रायन प्रतियोगिता में ईरानी प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन/ अर्दोग़ानः नेतन्याहू हत्यारा है

  • हिज़्बुल्लाह ने पोप को संबोधित करते हुए कहा: "लेबनान इस्लाम और ईसाई धर्म के बीच एक पुल है

  • एडमिरल सय्यारी: कैस्पियन सागर की सुरक्षा तटीय देशों के सहयोग से सुनिश्चित की जानी चाहिए

संपादक की पसंद
  • ईरान के खिलाफ़ 12-दिवसीय युद्ध के बाद ज़ायोनी शासन की दो चुनौतियों पर एक नज़र

    ईरान के खिलाफ़ 12-दिवसीय युद्ध के बाद ज़ायोनी शासन की दो चुनौतियों पर एक नज़र

    १ day ago
  • ईरान की नौसेनाः फ़ार्स की खाड़ी से लेकर महासागरों तक अभूतपूर्व प्रतिरोधक शक्ति के साथ

    ईरान की नौसेनाः फ़ार्स की खाड़ी से लेकर महासागरों तक अभूतपूर्व प्रतिरोधक शक्ति के साथ

    १ day ago
  • अराक़ची: सदस्य देशों के उच्चतम स्तर पर ईको को मज़बूत करने की राजनीतिक इच्छा मौजूद है

    अराक़ची: सदस्य देशों के उच्चतम स्तर पर ईको को मज़बूत करने की राजनीतिक इच्छा मौजूद है

    १ day ago
अधिक देखी गई ख़बरें
  • ईरान के खिलाफ़ 12-दिवसीय युद्ध के बाद ज़ायोनी शासन की दो चुनौतियों पर एक नज़र

  • हम अपने समय का प्रबंधन कैसे करें? इसका जवाब इमाम काज़िम अलै. ने दिया

  • समाचार: सीरिया के लोगों के प्रतिरोध ने ज़ायोनी शासन की साज़िशों पर पानी फ़ेर दिया

  • ईरान की नौसेनाः फ़ार्स की खाड़ी से लेकर महासागरों तक अभूतपूर्व प्रतिरोधक शक्ति के साथ

  • लारीजानी: ईरान की परमाणु क्षमता को नष्ट करने का दावा मूर्खतापूर्ण है / वेनेज़ुएला: नेतन्याहू क्षेत्र में नरसंहार के ज़िम्मेदार हैं

  • शेड वॉर: इज़राइल में ईरान की खुफिया घुसपैठ कैसे बढ़ रही है?

  • अमीर हातमी: विदेशियों को इस क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए

  • ज़ेलेंस्की के सामने दो मुश्किल ऑप्शन

  • हिज़्बुल्लाह ने पोप को संबोधित करते हुए कहा: "लेबनान इस्लाम और ईसाई धर्म के बीच एक पुल है

  • अफ्रीका समाचार/ मिस्र के विदेश मंत्री: इजरायल को दक्षिणी लेबनान से निकलना चाहिए / गिनी-बिसाऊ में एक जनरल को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया

Pars Today

© 2025 PARS TODAY. All Rights Reserved.

समाचार
    विश्व
    पश्चिमी एशिया
    ईरान
    धर्म
    पार्स पीडिया
    डिस-इन्फ़ो
Pars Today
    हमारे बारे में
    हमसे संपर्क करें
    आरएसएस