-
हिज़्बुल्लाह और इस्राईल के बीच झड़पें तेज़, इस्राईल की कायरता,फॉस्फोरस की गोलियां कर रहा है इस्तेमाल
Oct २२, २०२३ १५:२५मीडिया सूत्रों ने लेबनान के इस्लामी प्रतिरोधकर्ताओं द्वारा अवैध अधिकृत शबआ फ़ार्म्ज़ के क्षेत्रों की ओर नए रॉकेट दाग़े जाने की सूचना दी।
-
हिज़्बुल्लाह और इस्राईल में झड़पें तेज़, अब तक 19 जवान शहीद, कई इस्राईली भी हुए ढेर+वीडियोज़
Oct २२, २०२३ ११:३१जहां एक ओर ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के पाश्विक हमले जारी हैं वहीं लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन ने भी इस्राईली ठिकानों को निशाना बनाना तेज़ कर दिया है।
-
इस्राईल पर हिज़्बुल्लाह का अब तक का सबसे बड़ा हमला, कई सैनिक ढेर
Oct २१, २०२३ ०४:५६हेब्रू मीडिया ने इस्राईली सेना पर लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के विध्वंसक हमले और कम से कम तीन सैनिकों के मारे जाने की सूचना दी है।
-
सऊदी अरब में ओआईसी की बैठक, ईरान और तुर्किए के विदेश मंत्रियों ने ग़ज्ज़ा की स्थिति पर किया विचार विमर्श
Oct १९, २०२३ ०९:५२सऊदी अरब के शहर जेद्दा में इस्लामी सहयोग संगठन की बैठक के इतर, ईरान और तुर्किए के विदेश मंत्रियों ने मुलाक़ात की और क्षेत्र की ताज़ा स्थिति पर विचार विमर्श किया।
-
यह कैसे वहशी जानवर हैं जो केवल बच्चों के ख़ून के प्यासे हैं? चुन-चुनकर फ़िलिस्तीनी मासूमों का नरसंहार करता इस्राईल+ वीडियो
Oct १८, २०२३ १२:१८बहुत से लोग यह सवाल करते हैं कि आख़िर फ़िलिस्तीनियों में इतना आक्रोश क्यों देखा जाता है। तो उनकी जानकारी के लिए यह बता दें कि जब माओं की गोद उजड़ती है तो ज़मीन कांप जाती है, आसमान भी ख़ून के आंसू रोता है तो फिर यह तो इंसान हैं जो अपने बच्चों के नरसंहार पर केवल अपना ग़ुस्सा ही दिखा रहे हैं। ज़रा कल्पना करके देखें कि हज़ारों की संख्या में आपके सामने बच्चों की लाशें हों और उनके क़ातिल को दुनिया शाबाशी दे रही हो।
-
अकेले दौड़कर पहले स्थान पर आना चाहती हैं आजकल की सरकारें! लोकतंत्र का दावा करने वाले केवल सरकारी तंत्र के हैं सहारे
Oct १७, २०२३ १६:०९आजकल अगर पूरी दुनिया पर नज़र डाली जाए तो शायद ही कुछ देश ही मिलेंगे कि जहां सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था से चल रही है। नहीं तो ज़्यादातर देशों और राज्यों की स्थिति देखने से पता चलता है कि वहां की सरकारें केवल और केवल सरकारी तंत्र और बल के सहारे ही अपना काम कर रही होती हैं। उदाहरण के तौर पर देश का संविधान यह कहता है कि अगर कोई शांति के साथ अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करना चाहता है तो उसको इस बात की पूरी आज़ादी होगी। लेकिन ज़मीन पर बिल्कुल ऐसा नहीं है।
-
फ़िलिस्तीन अभी ज़िन्दा है, अलअक़्सा तूफ़ान ने बहुत सारी तस्वीरों को किया साफ़, एक झटके में नेतन्याहू का सपना हुआ चकनाचूर!
Oct १७, २०२३ १३:२४एक ओर 75 वर्षों से फ़िलिस्तीनी जनता का ख़ून बहाने वाला अवैध आतंकी शासन इस्राईल है और दूसरी ओर सात दशक पहले दर-दर भटक रहे यहूदियों को सिर छिपाने के लिए अपनी जगह देने वाले दयालु, बाहदुर, धैर्यवान और इस समय दुनिया की सबसे पीड़ित फ़िलिस्तीनी जनता है। हंसी के साथ-साथ शर्म आती है उन नेताओं, पत्रकारों और संस्थाओं पर जो फ़िलिस्तीन के संघर्षकर्ताओं को आतंकवादी और इस्राईली आतंकियों को आत्मरक्षा करने वाले सिपाही बता रहे हैं।
-
हमास की करारी मार का असर, शाबाक प्रमुख ने अपनी हार मान ली
Oct १७, २०२३ ०८:२८ज़ायोनी शासन के आंतरिक सुरक्षा संगठन शाबाक के प्रमुख रोनिन बार का कहना है कि वह तूफ़ान अल-अक्सा ऑपरेशन में खुफिया विफलता की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हैं।
-
इस्राईल के हमले रुकवाने की कोशिश, विदेशमंत्री क़तर पहुंचे
Oct १५, २०२३ १५:४८इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री ने क़तर नरेश और इस देश के विदेशमंत्री से भेंटवार्ता की।
-
ग़ाज़ा की स्थिति काफ़ी चिंताजनक, नस्लीय सफ़ाए की तरफ़ बढ़ रहा है इस्राईलः संयुक्त राष्ट्र संघ
Oct १५, २०२३ १०:४७संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ फ़्रांसेस्का अलबानीज़ ने शनिवार को आगाह करते हुए कहा है कि फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में, नागरिक आबादी अब “सामूहिक नस्लीय सफ़ाए” के गंभीर ख़तरे का सामना कर रही है। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय से तुरंत युद्धविराम लागू करवाने की अपील की है।