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आस्ट्रियन रेस्लर वेलहेलम ओट ने कहा मैं मुसलमान हूं और सूरए फ़ातेहा की तिलावत करके सोशल मीडिया पर धूम मचा दी
May ०५, २०२० १५:१६आस्ट्रिया के मशहूर रेसलर वेलहेलम ओट ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक वीडियो अपलोड की है जिसमें वह क़ुरआन के सूरए फ़ातेहा की तिलावत कर रहे हैं।
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11 रमज़ान की दुआ हिंदी अनुवाद के साथ
May ०४, २०२० १५:५४हे ईश्वर! आजके दिन मुझ पर उपकार कर, और पाप और अवज्ञा को नकार दे,
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10वीं रमज़ान की दुआ हिंदी अनुवाद के साथ
May ०३, २०२० १६:२८हे ईश्वर! आजके दिन मुझे अपना भरोसा और विश्वास प्रदान कर,
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रमज़ान के 9वें दिन की दुआ+वीडियो
May ०२, २०२० १६:०३हे ईश्वर! आजके दिन अपनी व्यापक अनुशंसा का थोड़ा सा भाग मुझे भी दे दे
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समाज से ग़रीबी मिटाने के लिए इस्लाम का मूलमंत्र, सब मिलकर एक साथ संघर्ष शुरू करें! ग़रीबी मिटाने के अभियान में हर इंसान का शामिल होना ज़रूरी है!
Apr २३, २०२० १०:१४ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई कहते हैं कि धर्म को नज़रअंदाज़ करने की एक निशानी यह है कि इंसान ग़रीबों और वंचितों की ग़ुरबत देखे लेकिन उस पर कोई ध्यान न दे, अपनी किसी ज़िम्मेदारी का एहसास न करे।
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कोरोना से मरने वालों को जलाने और दफ्न न करने की सलाह के बीच पढ़ें यह बड़ी खबर! क्या इन्सान के मरने से उसके बदन में मौजूद कोरोना वायरस भी मर जाता है?
Apr ०९, २०२० १५:२५कोरोना से मरने वालों को दफ्न किया जाए या जला दिया जाए? इस पर बहुत से लोग अलग अलग सलाह दे रहे हैं हालांकि इस्लाम में मुर्दे को किसी भी दशा में जलाना सही नहीं है।
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इस्लाम के स्वास्थ संबंधी निर्देश बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़े कारगरः प्रोफ़ेसर ओज़ालेप
Apr ०६, २०२० १०:१९आस्ट्रेलिया की चार्ल्ज़ स्टीवर्ट युनिवर्सिटी के शिक्षक प्रोफ़ेसर ओज़ालेप ने एक लेख लिखा है जिसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह कोरोना वायरस मुसलमानों की आस्थाओं को चुनौती दे रहा है और बदल रहा है। उनके लेख का शीर्षक भी यही है।
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कोरोना का बड़ा सवालः आज किस की सरकार है? कुरआन ने दिया है जवाबः आप के पास है इन सवालों का जवाब?
Mar ३०, २०२० ११:१२मिस्र के समाचार पत्र " अलवतन " ने कोरोना पर एक अलग तरह से नज़र डाली है। इस लेख का शीर्षक है " कोरोना का बड़ा सवाल, आज किसी की सरकार है?" इस लेख में कुछ रोचक बिन्दुओं पर ध्यान दिलाया गया है।
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नया सवेराः आम लोगों विशेषकर ईसाइयों को इस्लाम इसलिए आकर्षित करता है क्योंकि उसमें एकेश्वरवाद की बात को बहुत ही स्पष्ट ढंग से पेश किया गया है
Mar २८, २०२० १४:२१जब सोवियत संघ का विघटन हुआ तो उसके बाद वहां पर विभिन्न धर्मों के रहने वालों ने अपने धर्म के अनुरूप कार्य करने आरंभ कर दिये। रूस में सबसे ज़्यादा आर्थोडाक्स ईसाई रहते हैं।
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आधुनिक इन्सान के लिए यह है कोरोना का पैग़ाम! कोरोना पर अलग नज़र!
Mar १८, २०२० १७:१०आज कल दुनिया के अधिकांश देश एक महामारी में ग्रस्त हैं। इस अवसर पर लोगों के अलग अलग व्यवहार हमे नज़र आ रहे हैं जो दर अस्ल हर समाज की संस्कृति का परिणाम है।