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क़ुरआनी क़िस्से

  • क़ुरआनी क़िस्सेः इस्लाम के जियालों के भीतर शहादत की भावना बहुत अधिक थी जो उनके चेहरों से देखी जा सकती थी..

    क़ुरआनी क़िस्सेः इस्लाम के जियालों के भीतर शहादत की भावना बहुत अधिक थी जो उनके चेहरों से देखी जा सकती थी..

    Feb १०, २०२० १३:०७

    इससे पहले की पोस्ट में हमने बताया था कि जब पैग़म्बरे इस्लाम को यह सूचना मिली कि एक बड़ी सेना ने मदीने की ओर कूच किया है तो उन्होंने अंसार के सभी गुटों को एकत्रित करके उनसे युद्ध में भाग लेने के बारे में पूछा। 

  • क़ुरआनी क़िस्सेः सूरे बक़रा की आयत संख्या 89 और 90 क्यों नाज़िल हुई, इसके पीछे क्या घटना है?

    क़ुरआनी क़िस्सेः सूरे बक़रा की आयत संख्या 89 और 90 क्यों नाज़िल हुई, इसके पीछे क्या घटना है?

    Feb ०६, २०२० १५:१५

    सूरे बक़रा पवित्र क़ुरआन का दूसरा सूरा है।  यह क़ुरआन का सबसे बड़ा सूरा है।  सूरे बक़रा में कई विषयों के बारे में चर्चा की गई है।  इसकी आयत संख्या 89 व 90 का अनुवाद इस प्रकार हैः

  • क़ुरआनी क़िस्सेः सूरे बक़रा की आयत संख्या 62  हज़रत सलमान फ़ारसी के बारे में है, पैग़म्बरे इस्लाम के इस सहाबी के जीवन की दिलचस्प और पाठदायक कहानी

    क़ुरआनी क़िस्सेः सूरे बक़रा की आयत संख्या 62  हज़रत सलमान फ़ारसी के बारे में है, पैग़म्बरे इस्लाम के इस सहाबी के जीवन की दिलचस्प और पाठदायक कहानी

    Feb ०३, २०२० १४:१६

    इससे पहले हमने बताया कि सूरे बक़रा की आयत संख्या 62 पैग़म्बरे इस्लाम के सहाबी हज़रत सलमान फ़ारसी के बारे में है जिनका पुराना रूज़बे थे।

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