-
वीडियो रिपोर्टः इमाम ख़ुमैनी (र.ह) की किन बातों को फ्रांस के लोग कभी नहीं भूल सकते? इस वर्ष यूरोपीय देशों में मौजूद इमाम ख़ुमैनी के चाहने वाले क्यों हैं निराश!
Jan ३०, २०२१ १५:३०42 साल पहले पेरिस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से महान हस्ती ने प्रस्थान किया। उस महान हस्ती ने, जो नोफेल नोशातो नामक छोटे से गांव में रहती थी, दुनिया की एक तानाशाही सरकार का अंत कर दिया। अमेरिकी सरकारों ने हम पर जो सबसे बड़ा अत्याचार किया है वह यह है कि पहलवी शासन श्रंखला को हम पर थोप दिया। एक अत्याचार जो शाह ने हम पर किया है यह है कि शाह ने वे समझौते किये जो ईरानी राष्ट्र के हितों के खिलाफ हैं और हम उन समझौतों को कोई महत्व नहीं देते हैं जो राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं। न केवल नोफ़ेल नोशातो ...
-
वीडियो रिपोर्टः मानवता को कोरोना वायरस के साथ-साथ धोखाधड़ी वायरस का भी ख़तरा!
Jan २८, २०२१ १६:५४फाइज़र दिन दहाड़े आंखों में धूल झोंक रही है,...फाइज़र की सूचनाएं इस बात की सूचक हैं कि इस अमेरिकी कंपनी ने विभिन्न विशेषताओं वाली वैक्सीन बनाई है। .... दवा बनाने वाली कंपनी पर साइबर हमले के बाद जो गोपनीय रिपोर्ट प्रकाश में आई है और लोमोन्ड पत्रिका ने भी उसे प्रकाशित किया है उसके अनुसार फाइज़र और ब्यूनटिक कंपनियों ने जो वैक्सीन बनाया है उसमें कम से कम 20 कमियां मौजूद हैं। .....क्या कोई ख़तरा है? क्या यह वैक्सीन प्रभावी है? यह वे सवाल हैं जिनका हमें ...
-
वीडियो रिपोर्टः यूरोपीय देशों का इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला काम, कोरोना के टीके का अफ़्रीक़ी बच्चों पर टेस्ट, वैक्सीन लगते ही दम तोड़ा मासूमों ने
Jan २०, २०२१ १६:०४एक ओर योरोप में कोरोना के अमरीकी टीके का वितरण रुक गया है तो दूसरी ओर अफ़्रीक़ा में कोरोना सहित कई तरह के टीके के इंसानों पर टेस्ट होने की रिपोर्टें सामने आने से, सोशल नेटवर्क की साइटों पर हड़कंप मच गया है। ... इन रिपोर्टों के मुताबिक़, दवाएं और टीके बनाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने पैसे कमाने के लिए, अफ़्रीक़ी देशों की जनता पर टीके का ...
-
फ़्रांस की यह महिला मंत्री, लड़कियों के हिजाब को बर्दाश्त नहीं कर सकतीं, संसद में पेश किया गया नया क़ानून, अगर पास हो गया तो ...
Jan २०, २०२१ ०७:०७फ़्रांस की एक कैबिनेट मंत्री ने एक इन्टरव्यू में कहा कि वे लड़कियों को हिजाब में नहीं देख सकतीं।
-
युरोप, आरी से आलोचकों के टुकड़े करने वालों का समर्थन बंद करे! ईरान की कड़ी चेतावनी
Jan १७, २०२१ १५:४४इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री ने कहा है कि जेसीपीओए के सदस्य तीन युरोपीय देशों ने इस अंतरराष्ट्रीय समझौते की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया।
-
फ़्रांस, इन्टरनेट पर सख़्ती, नफ़रत और हिंसा को हवा देने वालों की होगी धर पकड़, लाॅकडाउन में नफ़रत फैलाने वाली सामग्री की भरमार, सरकार परेशान लेकिन...
Jan १५, २०२१ १६:००फ़्रांस, इन्टरनेट पर सख़्ती, नफ़रत और हिंसा को हवा देने वालों की होगी धर पकड़, लाॅकडाउन में नफ़रत फैलाने वाली सामग्री की भरमार, सरकार परेशान लेकिन...
-
वीडियो रिपोर्टः ब्रिटेन का न्यू स्ट्रेन कोरोना बच्चों को बना रहा है निशाना, हो जाएं होशियार क्योंकि...
Jan १०, २०२१ १६:०३ब्रिटेन का नया वैरिएंट, बहुत तेज़ी से फैलने वाला है। इसके फैलने की गति सामान्य कोरोना की तुलना में 40 से 70 प्रतिशत अधिक है। फ़्रांस की एक शोध रिपोर्ट बताती है कि 12 से 16 की आयु के किशोरों में बड़ों की तुलना में इस नए वायरस के फैलने का ख़तरा 7 गुना अधिक है ....ब्रिटेन में जिस गति से यह फैला है, यही विषय हमारी चिंता का मुख्य कारण है। हमें पूरी तरह से तैयार रहना होगा क्योंकि ...
-
नाइजर में बड़ा आतंकी हमला, दो गांवों को घेरकर आतंकियों ने आम लोगों को गोलियों से भून डाला
Jan ०३, २०२१ ०६:०९अफ़्रीक़ी देश नाइजर में हुए एक आतंकवादी हमले में कम से कम 70 आम नागरिक मारे गए हैं।
-
फ्रांस में इस्लामोफोबिया की नयी लहर, आख़िर क्यों बनाया जा रहा है मुसलमानों को निशना, पार्स टुडे हिन्दी के ख़ास कार्यक्रम को पढ़ें और देखें+ वीडियो
Dec २७, २०२० १६:१८हालिया सप्ताहों में फ्रांस की अगुवाई में चरमपंथ के ख़िलाफ़ संघर्ष के बहाने इस्लामोफोबिया की नयी लहर शुरु हो गयी है। फ्रासं के 70 से अधिक नगरों के अधिकारियों ने इस देश के राष्ट्रपति एमानोएल मैक्रां के नाम अपने पत्र में उनकी सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि यह नीतियां, फ्रांस को फासीवाद की ओर ले जा रही हैं। इन अधिकारियों ने अपने पत्र में लिखा है कि फ्रांस की सरकार, आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध की अपनी शैली पर पुनर्विचार के बजाए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संगठनों और संघों को निशाना बना रही है।
-
वीडियो रिपोर्टः आख़िर फ्रांस की जनता कोरोना के टीका का क्यो कर रही है विरोध? वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान!
Dec २७, २०२० १५:२९हमें इस टीके के बारे में सही जानकारी नहीं है और इस संवेदनशील स्थिति में इस टीके का रखना चिंताजनक है। अभी इस अमेरिकी वैक्सीन ने अपनी उपयोगिता नहीं दिखाई है। सवाल यह पैदा होता है कि क्यों फ्रांसीसी ज़बरदस्ती अमेरिकी परीक्षण का चूहा बनें? फ्रांसीसी चिकित्सकों का कहना है कि बहुराष्ट्रीय कंपनी को जो बहुत अधिक फायदा होने वाला है उसके दृष्टिगत इस देश की सरकार उसमें अपनी भागीदारी को सुनिश्चित बनाने के लिए वैक्सीन कार्यक्रम में शामिल हो गई है।अधिकारियों ने दवा बनाने वाली कंपनियों और प्रयोगशालाओं से ...