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वह अरब देश कौन हैं जिन्होंने इस्राईल को मान्यता देने के लिए पाकिस्तान पर डाला भारी दबाव? पाकिस्तान ने जो रास्ता चुना है क्या होगा उसका अंजाम?
Nov १६, २०२० १०:२२पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अपने हालिया इंटरव्यू में देश के आर्थिक हितों को दृष्टिगत रखते हुए उन अरब देशों का नाम नहीं लिया जिन्होंने इस देश पर इस्राईल को मान्यता देने के लिए भारी दबाव डाला था मगर साथ ही उन्होंने बड़े ठोस अंदाज़ में कह दिया कि कुछ चीज़ें हैं जिन पर हरगिज़ समझौता नहीं हो सकता जबकि कुछ मामलों में नर्मी भी दिखाई जा सकती है।
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डायब्टीज़ के बीमार को कोरोना हो जाए तो कुछ ख़ास बिंदुओं का ध्यान रखना ज़रूरी है
Nov १४, २०२० १९:४२दुनिया में 14 नवम्बर को विश्व डायब्टीज़ दिवस मनाया जा रहा है तो यह बहस भी ज़रूरी है कि यदि डायब्टीज़ के बीमार को कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाए तो उसे क्या करना चाहिए?
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अपनी आर्थिक नीतियों का बचाव करने पर क्यों मजबूर हुए बिन सलमान? देश को यक़ीन दिलाना चाहते हैं कि उनके सुधार कार्यक्रम ने देश की अर्थ व्यवस्था को बचाया, बाइडन फ़ैक्टर का कितना असर?
Nov १४, २०२० १४:४४सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने कहा है कि उन्होंने जो आर्थिक सुधार किए हैं उनसे देश की अर्थ व्यवस्था और गंभीर संकट में जाने से बच गई क्योंकि रेवेन्यु में भारी गिरावट आ गई है।
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पोम्पेयो अब लंबे दौरे पर निकले हैं...मक़सद बाइडन के हाथ बांधना है या 2024 के चुनाव में कूदने की तैयारी?
Nov १४, २०२० १३:४४अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के समाप्त हो रहे कार्यकाल के आख़िरी दिनों में काफ़ी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। पोम्पेयो ट्रम्प की उन विदेश नीतियों पर मेहनत कर रहे हैं जिनके बारे में आम धारणा यह है कि निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन जारी नहीं रखेंगे।
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सैयद हसन नसरुल्लाह ने दिए तीन बड़े संदेश... ईरान और हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर अमरीकी हमले की आशंका जताई...सऊदी नरेश ने अचानक ईरान पर क्यों लगाए गंभीर आरोप
Nov १३, २०२० १०:३९हिज़्बुल्लाह आंदोलन के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने अपने भाषण में तीन बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं। यह भाषण उन्होंने बुधवार की शाम शहीद दिवस के उपलक्ष्य में दिया।
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जो बाइडन और कमला हैरिस के काल में मोदी सरकार को कौन से मुद्दे परेशान करते रहेंगे?
Nov १२, २०२० १८:३८कमला हैरिस अमरीका की नई उप राष्ट्रपति बनने जा रही हैं जिससे भारत में बड़ा उत्साह देखने में आया लेकिन उनके बारे में एक अजीब तथ्य यह सामने आ रहा है कि वह भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आरएसएस की सोच रखने वालों से हमेशा दूर रहीं।
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सऊदी अरब के जिद्दा में ग़ैर मुस्लिमों के क़ब्रिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में धमाका...गिरफ़तार कार्यकर्ताओं को छोड़ने पर रियाज़ सरकार का विचार..क्या यह बाइडन की धमकियों का असर है?
Nov १२, २०२० १०:५६सऊदी अरब के पटल पर दो बड़ी घटनाएं हुई हैं जिनका गहरा असर आने वाले हफ़्तों में दिखाई देगा।
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ट्रम्प ने अपने रक्षा मंत्री मार्क एस्पर को हटाकर यह मंत्रालय क्रिस्टोफ़र मिलर को क्यों सौंपा जो जनरल शहीद क़ासिम सुलैमानी की हत्या के आरोपी हैं?
Nov ११, २०२० १६:०८ट्रम्प ने अपनी सत्ता के आख़िरी दिनों में एक चिंताजनक क़दम उठाया है कि उन्होंने रक्षा मंत्री एस्पर को हटाकर उनकी जगह क्रिस्टोफ़र मिलर को बिठा दिया है जो राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में आतंकवाद निरोधक नेशनल सेंटर के प्रमुख हैं।
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बाक़ी रह गए चंद दिनों में क्या योजना बना रहे हैं ट्रम्प? पेंटगोन में विदेशों में हमले को लेकर आशंका...पेलोसी ने कहा उपद्रव फैलाना चाहते हैं परास्त उम्मीदवार
Nov १०, २०२० १०:३६अमरीकी अख़बार न्यूयार्क टाइम्ज़ ने लिखा है कि पेंटागोन के अधिकारियों को गहरी चिंता हो गई है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प वाइट हाउस से जाते जाते कोई बड़ा ख़ुफ़िया या एलानिया हमला करवा सकते हैं।
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ईरान से प्रतिबंध हटने की ताक में हैं अमरीकी और यूरोपीय कंपनियां...बाइडन ईरान से आर्थिक संबंधों में कर सकते हैं बड़ा बदलाव
Nov ०९, २०२० २२:०६अलजज़ीरा नेट ने आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ अब्दुल हाफ़िज़ अलसावी का एक लेख प्रकाशित किया है जिनका कहना है कि जो बाइडन के शासन काल में अमरीका यह चाहेगा कि ईरान आर्थिक मैदान में विकास करे और इसका फ़ायदा अमरीकी व यूरोपीय कंपनियों को पहुंचे।