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इस्राईल के साथ कुछ अरब देशों का शर्मनाक समझौता, ट्रम्प को कितना फ़ायदा?
Sep १७, २०२० १०:१६विदेश नीति अमेरिकी चुनावों में कभी बड़ा मुद्दा नहीं रही है, लेकिन अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प जिनके सिर पर नवंबर महीने में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में हार का ख़तरा मंडरा रहा है उन्होंने कुछ अपने एजेंट अरब देशों, जिनमें संयुक्त अरब इमारात और बहरैन शामिल हैं, उनका इस्राईल का साथ शर्मनाक समझौता कराकर आगामी चुनावों में अपनी नैया पार लगाने के लिए इसका फ़ायदा उठाना चाहते हैं।
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जनरल क़ासिम सुलैमानी अपनी शहादत से एक महीना पहले कुछ ख़ास लोगों की वार्ता की आडियो आर्काइव से निकलवाई और उसे बड़े ध्यान से सुनते थे!
Sep १६, २०२० १८:४०आठ वर्षीय ईरान-इराक़ युद्ध की आरकाइव के डायरेक्टर जनरल नाईनी ने बताया कि शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी ने अपनी शहादत से एक महीना पहले मुझे फ़ोन किया और कर्बला-5 नाम के सैन्य आप्रेशन के दौरान कमांडरों के बीच होने वाली बातचीत की आडियो मंगवाई।
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अरब जगत में एक नया नारा गूंज रहा हैः तुर्की को कंट्रोल करो!
Sep १५, २०२० १०:५२इमारात-इस्राईल समझौते के एलान से महीनों पहले अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की ओर से डील आफ़ सेंचुरी का एलान होने पर टीकाकारों की समझ में यह नहीं आ रहा था कि ट्रम्प उस डील के लिए इतनी एनर्जी क्यों ख़र्च कर रहे हैं जिससे फ़िलिस्तीनी नेता नाराज़ हैं, अरबों ने जिसे ख़ारिज किया है और जो सफल होती दिखाई नहीं दे रही है। इमारात ने इस्राईल से समझौते का एलान कर दिया तब भी यह सवाल अपनी जगह मौजूद है।
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नसरुल्लाह के शहीद बेटे हादी नसरुल्लाह की कहानी, पहली बार मीडिया के सामने आईं ज़ैनब नसरुल्लाह, बेटे की शहादत की ख़बर कैसे हसन नसरुल्लाह ने सुनी और क्या थी प्रतिक्रिया?
Sep १३, २०२० ०९:४०टीवी चैनल अलमयादीन ने एक छोटी सी वीडियो क्लिप दिखाई है जिसमें हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह की बेटी ज़ैनब नसरुल्लाह और बेटे जवाद नसरुल्लाह अपने बड़े भाई हादी नसरुल्लाह के बारे में कुछ बातें बताते हैं जो 1997 में 12 सितम्बर को दक्षिणी लेबनान के तुफ़्फ़ाह इलाक़े में इस्राईल के साथ युद्ध में शहीद हो गए थे।
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क्या वाक़ई चीन, रूस, ईरान और उत्तरी कोरिया ने अमरीकी इलेक्शन हाईजैक करना शुरू कर दिया है? ट्रम्प चुनाव से कुछ ही दिन पहले यह आरोप क्यों लगा रहे हैं?
Sep १२, २०२० ०९:००रूस के लोगों के बारे में यह मशहूर है कि वह संजीदा रहना पसंद करते हैं और ज़्यादा हंसी मज़ाक़ की उन्हें आदत नहीं होती। इस मामले में वह जर्मनी, तुर्की और अरबों से आगे बताए जाते हैं।
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भारत के बारे में चीनी अख़बार का कठोर लहजाः भारत की राष्ट्रवादी फ़ोर्सेज़ को सबक़ सिखाने की ज़रूरत, समझाना पड़ेगा कि वह चट्टान से अंडा टकराने की कोशिश कर रही हैं!
Sep १०, २०२० २१:१३चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के अख़बार ग्लोबल टाइम्ज़ ने सीमा पर जारी तनाव के बारे में अपने संपादकीय में कठोर भाषा का प्रयोग किया है और भारत को सबक़ सिखाने की बात कही है।
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ट्रम्प अपनी पत्नी और बेटी के बीच में फंसे, मेलानिया इवांका को क्यों कहती हैं सांप? नई किताब से हुआ हैरान कर देने वाला ख़ुलासा
Sep १०, २०२० १८:३८अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प और उनकी सौतेली बेटी इवांका ट्रम्प के बीच कोल्टवॉर की ख़बरे तो वर्ष 2016 में उस समय सामने आना शुरू हुईं थीं जब डोनल्ड ट्रम्प अपने चुनावी अभियान में व्यस्त थे।
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9/11 हमले के इतने वर्षों बाद अमेरिका ने क्या बोया क्या काटा? सच का आइना दिखाती रिपोर्ट, फ़ैसला आपका
Sep १०, २०२० १६:३४9/11 की घटना को लगभग दो दशक का समय बीत रहा है। यहां सवाल यह पैदा होता है कि इन दो दशकों में अमेरिकी राजनीति में क्या-क्या बदलाव आए और इसका दुनिया सहित विशेषकर पश्चिमी एशिया पर क्या असर पड़ा है?
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इस्राईली अख़बार ने सुनाई पर्दे के पीछे की कहानी, इमारात इस्राईल समझौते में प्रमुख भूमिका में थे टोनी ब्लेयर, अरब देशों और इस्राईल के बीच स्थापित किया गया ख़ुफ़िया चैनल
Sep १०, २०२० १६:०२इस्राईली अख़बार इस्राईल ह्यूम ने ख़ुलासा किया है कि लंदन, अबू धाबी और साइप्रस की राजधानी निकोशिया में ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतनयाहू के सलाहकार और इमारात के मंत्री की ख़ुफ़िया बैठकों का सिलसिला चला।
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अगर हम संभलना और जीतना चाहते हैं तो ईरान, तुर्की और हिज़्बुल्लाह की तरह हर पहिचान को हाशिए पर रखकर केवल इस्लामी पहिचान को नज़र के सामने रखना होगा!
Sep ०७, २०२० ०९:१९रायुल यौम अख़बार के एक लेख पर एक पढ़े लिखे इंसान ने कमेंट लिखा कि हमें पहले यह तय कर लेना चाहिए कि हम कौन और क्या हैं? क्या सबसे पहले हम अरब हैं, या सबसे पहले मुसलमान हैं, सबसे पहले हम सुन्नी हैं या शीया हैं?