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अरबईन, दुनिया के सबसे बड़े शांतिपूर्ण मार्च के बारे में आप क्या जानते हैं?
Aug १३, २०२५ १८:२७पार्स-टुडे - एक ऐसी दुनिया में, जहां अधिकांश ख़बरें तनाव और युद्ध की कहानी कहती हैं, एक ऐसा आयोजन है जो हर साल दुनिया भर से लाखों लोगों को एक जगह इकट्ठा करता है न विरोध के लिए, न शक्ति के प्रदर्शन के लिए, बल्कि एक मानवीय सच्चाई को याद करने के लिए, यानी अन्याय के विरुद्ध डटे रहने के लिए। इस आयोजन को अरबईन कहा जाता है।
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इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के भारतीय श्रद्धालुओं के लिए क्या आसान होगा कर्बला का सफ़र?
Oct ०८, २०२३ १८:५९पूरी दुनिया में शिया मुसलमानों की सबसे बड़ी तमन्ना जहां पवित्र हज पर जाना होता है तो वहीं पवित्र नगर कर्बला में स्थित इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े की ज़ियारत के लिए भी उतनी ही तड़प उनके दिल में होती है। लेकिन हर दिन बढ़ती मंहगाई की वजह से आज भी ऐसे बहुत सारे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वाले हैं जो कर्बला जाने में अक्षम हैं।
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इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपना ख़ून दिया ताकि दुनिया को अज्ञानता से दूर रख सकें: राष्ट्रपति रईसी
Sep ०६, २०२३ १४:३६इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि पैदल मार्च करने वाला विशाल जनसमूह इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के प्रति प्रेम और स्नेह को बयान करता है।
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पवित्र नगर कर्बला की ओर बढ़ते हर एक क़दम से ज़ालिमों का कुचल रहा है मुंह! अरबईन दुनिया भर के धार्मिक आयोजनों के लिए एक मिसाल
Sep ०६, २०२३ १२:०१इस समय इराक़ में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों की याद में अरबईन के मौक़े पर जारी मिलियन मार्च पूरी दुनिया में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों और आयोजनों के लिए एक मिसाल बन चुका है। भीषण गर्मी में लगभग 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा के लिए उठने वाले हर क़दम वर्तमान की सभी ज़ालिम सरकारों और राज्यों के मुंह को कुचल रहे हैं।
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23 लाख से अधिक विदेशी श्राद्धालु अब तक पहुंचे इराक़, अरबईन के मौक़े पर इमाम हुसैन के चाहने वालों का कर्बला पहुंचने का सिलसिला जारी
Sep ०१, २०२३ १२:१५इराक़ के गृह मंत्रालय ने अब तक 20 लाख से अधिक विदेशा श्रद्धालुओं के इराक़ पहुंचने की सूचना दी है।
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अरबईन की शुरुआत किसने की? दाइश के ख़तरे के बावजूद किसकी मदद से इराक़ में आयोजित हो रहा है विश्व का यह सबसे बड़ा और अनोखा धार्मिक कार्यक्रम?
Aug ३०, २०२३ १५:३५एक ही वक़्त में एक ही स्थान पर जुटने वाली सबसे बड़ी भीड़ के विश्व-रिकार्ड पर नज़र डालने से पता चलता है कि इराक़ के पवित्र नगर कर्बला में अरबईन के मौक़े पर आयोजित होने वाला धार्मिक कार्यक्रम इस समय, एक वक़्त में एक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का एकत्रित होना अभूतपूर्व है।
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अरबईन के मौक़े पर होने वाला मिलियन मार्च मानवता के लिए एक बड़ा संदेश, मज़लूमों की उम्मीद है कर्बलाः ईरानी विदेश मंत्री
Aug २९, २०२३ १५:४४इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि अरबईन के मौक़े पर होने वाला मार्च अत्याचार के ख़िलाफ़ प्रतिरोध का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कर्बला वालों की याद में मनाया जाने वाला चेहलुम का धार्मिक कार्यक्रम स्वतंत्रता का आह्वान है और दुनिया में न्याय की प्राप्ति के लिए अंतहीन संघर्ष का एक उदाहरण है।
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इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के श्रद्धालुओं की ढाल बनकर खड़े हुए हश्दुश्शाबी के 11 हज़ार जियाले
Aug २६, २०२३ १५:२८इराक़ के स्वयंसेवी बल हश्दुश्शाबी के 11 हज़ार जवानों ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चेहलुम के मौक़े पर कर्बला पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अपनी करम कस ली है। नजफ़ से कर्बला जाने वाले रास्ते पर चप्पे पर अपनी पैनी नज़र जमाए इराक़ी जियाले अज़ादारों की ढाल बनकर चौबीस घंटे तैनात हैं।
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आख़िर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वालों को क्यों नहीं लगता डर? हज़रत ज़ैनब ने किस लिए खाई थी सौगंध?
Aug १४, २०२३ १७:१३जैसे-जैसे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों का चेहलुम क़रीब आ रहा है वैसे-वैसे हुसैनियों के दिलों की धड़कनें तेज़ी होती जा रही हैं। यह ऐसा मौक़ा है कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से श्रद्धा रखने वाला हर व्यक्ति यह चाहता है कि वह अरबईन के दिन पवित्र नगर कर्बला में मौजूद रहे। पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र परिजनों के कथनों में बताया गया है कि मोमिन की एक निशानी, अरबईन की ज़ियारत है।
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क्या आप जानते हैं कि आशूरा का आंदोलन क्यों अमर हो गया? अरबईन के मौक़े पर कर्बला में ऐसा क्या दिखता है कि जिसका बयान करना असंभव है!
Aug ०६, २०२३ १६:१३जैसे-जैसे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम क़रीब आता है, उनके चाहने वालों में एक विशेष प्रकार का जोश और जज़्बा जागने लगता है। पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र परिजनों के कथनों में बताया गया है कि मोमिन की एक निशानी, अरबईन की ज़ियारत है। इमाम हुसैन के चेहलुम के दिन करबला में उपस्थिति का अपना एक विशेष महत्व है। इस दिन करबला में जो चीज़ दिखाई देती है उसका बयान करना संभव ही नहीं। क्योंकि उसको देखने के लिए अरबईन के मौक़े पर कर्बला में होना और अपनी आंखों से देखना ज़रूरी है।