• अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 7

    अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 7

    Jun २०, २०१८ ०९:५०

    हमने कहा था कि पवित्र कुरआन के व्याख्याकर्ता और इतिहासकार अबू जाफर मोहम्मद बिन जरीर तबरी का जन्म 224 हिजरी कमरी में ईरान के उत्तर में स्थित आमुल नगर में हुआ था और चूंकि तबरी बहुत तेज़ बुद्धि के थे इस बात के दृष्टिगत आरंभिक शिक्षा उन्होंने अपने नगर में ही प्राप्त कर लिया और अपने पिता के प्रोत्साहन पर 12 साल की उम्र में ही उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए यात्रा आरंभ कर दी।

  • अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 5

    अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 5

    Jun १०, २०१८ ०७:४१

    हमने बताया गया था कि अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी, न केवल एक विश्वविख्यात इतिहासकार थे बल्कि ईरान के बहुत बड़े दार्शनिक, विचारक और पवित्र क़ुरआन के व्याख्याकार भी थे।

  • अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 4

    अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 4

    Jun १०, २०१८ ०७:०२

    आपको बताया था कि इतिहासकार, दार्शनिक व पवित्र क़ुरआन के व्याख्याकर्ता मोहम्मद बिन जरीर तबरी 224 हिजरी क़मरी में उत्तरी ईरान के आमुल शहर में पैदा हुए और बहुत मेधावी होने की वजह से उन्होंने प्राथमिक शिक्षाएं अपने शहर में हासिल कर लीं और 12 साल की उम्र में अपने पिता की प्रेरणा से अधिक ज्ञान की प्राप्ति के लिए सफ़र पर निकल गए।

  • अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 3

    अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 3

    May २७, २०१८ ११:५७

    अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी, न केवल विश्वविख्यात इतिहासकार थे बल्कि ईरान के बहुत बड़े दार्शनिक और पवित्र क़ुरआन के व्याख्याकार भी थे।

  • अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 2

    अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 2

    May २७, २०१८ ११:४८

    हमने बताया था कि प्रसिद्ध इतिहासकार और क़ुरआने मजीद  के समीक्षक अबू जाफर मुहम्मद बिन तबरी सन 224 हिजरी क़मरी में उत्तरी ईरान के आमुल नगर में जन्मे थे और चूंकि वह अत्याधिक तेज़ दिमाग़ के स्वामी थे इस लिए जल्दी ही आरंभिक शिक्षा इसी नगर में पूरी कर ली और मात्र 12 साल की आयु में अपने पिता के प्रोत्साहन के बाद आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपने नगर से निकल गये।

  • अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी

    अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी

    May २७, २०१८ १०:५६

    शताब्दियां पहले वर्ष 224 हिजरी क़मरी में ईरान के उत्तर में स्थित आमुल शहर में एक बच्चे ने जन्म लिया और ईश्वर ने उसके भाग्य में लिख दिया था कि वह इस्लामी जगत का पहला महान इतिहासकार व पवित्र क़ुरआन का व्याख्याकार बनेगा।