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दो साल अफ़ग़ानिस्तान बेहाल, कौन है इसका ज़िम्मेदार? अमेरिका और पश्चिमी देशों के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलता तालेबान!
Aug २०, २०२३ १८:३३अफ़गान जनता महसूस करती है कि उन्हें विश्व समाज ने अकेले छोड़ दिया है। जब से तालेबान ने सत्ता पर क़ब्ज़ा किया है तब से ऐसी सामाजिक पाबंदियां लगाई गई हैं कि महिलाओं और लड़कियों की आज़ादी के साथ-साथ धार्मिक स्वतंत्रता भी ख़तरे में पड़ गई है। यहां सवाल यह उठता है कि आख़िर अफ़ग़ानिस्तान की इस स्थिति के लिए कौन ज़िम्मेदार है?
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भारत में क्यों बढ़ रही है भड़काऊ बयान देने वालों की लगातार संख्या? हेट स्पीच और हेट क्राइम के बढ़ते मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी चिंतित
Aug २०, २०२३ १६:०६भारत में "हेट स्पीच" और "हेट क्राइम" के बढ़ते मामलों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि हेट स्पीच के दोषियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही होनी चाहिए। अब सवाल यहां यह पैदा होता है कि आख़िर देश की सर्वोच्च अदालत के बार-बार आदेश दिए जाने के बाद भी वे कौन हैं जो भड़काऊ बयान देने वालों के ख़िलाफ़ कार्यवाही न केवल कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं बल्कि उनको सम्मानित भी किया जा रहा है।
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नसरुल्लाह की धमकी से इस्राईल में भूकंप, टीकाकारों ने खोले अहम राज़
Aug १५, २०२३ १९:३०इस्राईली मीडिया ने हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह की ज़ायोनी शासन की धमकियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सैयद हसन नसरुल्लाह एक सैन्य और राजनैतिक विशलेषक की तरह इस्राईल के मामलों से पूरी तरह से अवगत हैं और इस चीज़ ने इस्राईल को चिंतित कर दिया है।
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आतंकी गुटों के निशाने पर आख़िर क्यों रहते हैं शिया मुसलमानों के पवित्र स्थल और धार्मिक हस्तियां? वजह जानकर आपको भी होगी हैरानी!
Aug १४, २०२३ १९:१५हर सुबह मीडिया के माध्यम से मिलने वाले समाचारों में आतंकी हिंसा के बारे में कोई बुरी ख़बर ज़रूर होती है। शायद ही कोई दिन ऐसा गुज़रता है जिस दिन दुनिया के किसी न किसी हिस्से में किसी न किसी आतंकी घटना में लोगों की बलि न चढ़ती हो। दरअसल आतंकवाद, युद्ध का एक नया रूप हो गया है जो किसी सीमा को नहीं मानता और जिसका कोई स्पष्ट चेहरा भी नहीं होता। यह आतंकवाद आधुनिक तकनीक के साथ जुड़कर दुनिया में क़हर बरपा कर रहा है। साथ ही दुनिया में सबसे ज़्यादा आतंकवाद की अगर कोई बलि चढ़ा है तो वह हैं शिया मुसलमान।
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आख़िर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वालों को क्यों नहीं लगता डर? हज़रत ज़ैनब ने किस लिए खाई थी सौगंध?
Aug १४, २०२३ १७:१३जैसे-जैसे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों का चेहलुम क़रीब आ रहा है वैसे-वैसे हुसैनियों के दिलों की धड़कनें तेज़ी होती जा रही हैं। यह ऐसा मौक़ा है कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से श्रद्धा रखने वाला हर व्यक्ति यह चाहता है कि वह अरबईन के दिन पवित्र नगर कर्बला में मौजूद रहे। पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र परिजनों के कथनों में बताया गया है कि मोमिन की एक निशानी, अरबईन की ज़ियारत है।
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दुनिया भर के देशों में चांद पर जाने की क्यों मची है होड़? क्या क़यामत की आहट को वैज्ञानिकों ने कर लिया है महसूस?
Aug १४, २०२३ १५:१४दुनिया भर की स्पेस एजेंसियां आज के समय चांद पर फोकस कर रही हैं। भारत ने अपना चंद्रयान-3 लैंडर भेजा है। वहीं रूस ने लूना-25 मिशन लॉन्च किया है। दोनों मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे। साथ ही दुनियाभर के देशों की चांद की प्रति बढ़ती दिलचस्पी इस बात का सबूत है कि कुछ तो वैज्ञानिकों ने ऐसा महसूस किया है कि जिसको अभी वह दुनिया के सामने नहीं लाना चाह रहे हैं।
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अमरीका में रहने वाले चरमपंथी हिंदू संगठन मुसलमानों से ज़्यादा नफ़रत करते हैं या भारत में रहने वाले?
Aug १२, २०२३ २०:४९पिछले साल अमरीका में हिंदू चरमपंथी संगठनों ने एक मुस्लिम विरोधी रैली निकाली थी, जिसमें बुलडोज़र को बीजेपी के राजनीतिक प्रतीक के रूप में पेश किया गया था।
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मार-काट, तोड़-फोड़ और भ्रष्टाचार-बलात्कार भारतीय जनता पार्टी की पहचान बनता जा रहा है! बीजेपी के नारों की क्या है सच्चाई?
Aug ०८, २०२३ १५:५३विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बयान जिस स्तर के होते हैं उसको सुनने के बाद यही समझ में आता है कि मार-काट, तोड़-फोड़ और भ्रष्टाचार-बलात्कार इस पार्टी की वास्तविक पहचान है। सबसे अहम बात तो यह है कि जो यह नारा देती है उसके बिल्कुल विपरीत कार्य करती है। जैसे सबका साथ सबका विकास नारे का वास्तविक अर्थ आज तक कोई नहीं समझ पाया है।
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दूसरे देशों में युद्ध की आग भड़का कर अपनी रोटी सेंकने वाले अमेरिका के दरवाज़े पर पहुंची जंग की लपटें!
Aug ०७, २०२३ १६:५१कहते हैं न दोस्त का दोस्त, दोस्त और दुश्मन का दुश्मन, दुश्मन होता है। यही हाल इस समय पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। आज के दौर में विश्व के ज़्यादातर देश दो हिस्सों में बंटे हुए नज़र आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण अमेरिका की दादागीरी और युद्ध-उन्मादी नीतियां हैं। इस धरती पर जहां-जहां अशांति और जंग है वहां-वहां अमेरिका की उपस्थिति ज़रूर देखने को मिलेगी। बल्कि यह कहना ग़लत नहीं है कि अमेरिका का अस्तित्व ही युद्ध पर टिका हुआ है।
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एक और युद्ध के लिए तैयार हो जाए दुनिया, रूस ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी, अमेरिका के पैरों के नीचे से खिसकती ज़मीनें!
Aug ०७, २०२३ १५:४८सैन्य तख़्तापलट के बाद से नाइजर वैश्विक शक्तियों के बीच जंग का मैदान बना हुआ है। इस देश पर क़ब्ज़े के लिए रूस और अमेरिका ने एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा दिया है। मामला इतना गंभीर है कि नाइजर पर अमेरिका समर्थक पड़ोसी देशों का गठबंधन कभी भी हमला कर सकता है। हालांकि, रूस ने नाइजर के ख़िलाफ़ किसी भी सैन्य कार्यवाही के ख़िलाफ़ गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दे दी है।