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सैयद हसन नसरुल्लाह ने दो बड़े जेहाद छेड़ने की बात कही तो छिड़ गई लंबी बहस...निर्णायक लड़ाई में यह कारगर नुस्ख़ा है जो इज़्ज़त की ज़िंदगी दिला सकता है, केवल लेबनान नहीं पूरी अरब दुनिया के लिए
Jul ०९, २०२० १६:४८लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह का मंगलवार की शाम का भाषण सुनते हुए मुझे अपनी मां की याद आ गई। इस भाषण में सैयद हसन नसरुल्लाह ने दो जेहादों की बात कही। एक कृषि जेहाद और दूसरा औद्योगिक जेहाद। इसका मक़सद देश को अमरीकी प्रतिबंधों के सामने आत्मनिर्भर बनाना है।
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सऊदी अरब और म्यांमार के ख़िलाफ़ ब्रिटेन के प्रतिबंध, छवि बचाने के लिए मानवता से एक भयानक मज़ाक़
Jul ०९, २०२० १५:१३बोरिस जॉनसन ब्रिटिश प्रधान मंत्री जब दो साल के लिए विदेश मंत्री थे, तो उन्होंने मानवाधिकारों की रक्षा में किसी तरह की कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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ट्रम्प को जाल में फंसाने का मंसूबा...क्या बाइडन तेज़ी दिखा पाएंगे? चौतरफ़ा हमलों का सामना कर रहे ट्रम्प का नया पैंतरा क्या होगा?
Jul ०९, २०२० ११:११अमरीका के मशहूर अख़बार न्यूयार्क टाइम्ज़ में लिखने वाले वरिष्ठ टीकाकार और लेखक थामस फ़्रेडमैन ने अपने एक लेख में राष्ट्रपति चुनाव के डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन को सुझाव दिया है कि वह ट्रम्प से डिबेट के लिए दो शर्तें रखें और अगर ट्रम्प यह शर्तें पूरी न करें तो उनके साथ डिबेट में हिस्सा न लें।
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ईरान व चीन के बीच 25 वर्षीय सहयोग समझौता शर्मनाक है? अमरीका व सऊदी अरब को परेशानी क्यों? क्या है इस बेहद अहम समझौते में?
Jul ०९, २०२० ०९:२३ईरान व चीन के बीच 25 साल के सहयोग समझौते पर कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अमरीका व सऊदी अरब से संबंधित सरकारी मीडिया में काफी हंगामा है। हालांकि अभी तक इस समझौते का न तो ब्योरा प्रकाशित हुआ है और न ही उस पर हस्ताक्षर हुए हैं लेकिन अभी से इसे ईरान के लिए शर्मनाक समझौता कहा जा रहा है।
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क्या अमरीका व चीन टकरा जाएंगे? किसमें कितना है दम? रायुलयौम का विश्लेषण
Jul ०८, २०२० ०९:१४अमरीका में स्वाधीनता दिवस कोरोना से होने वाली मौत और काले गोरे के तनाव की वजह से खुशियां भरा नहीं रहा।
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वाशिंग्टन और दो राजकुमार...बिन सलमान के बारे में क्या सोचता है अमरीका? वाशिंग्टन के चहेते रह चुके बिन नाएफ़ के सिर पर क्या ख़तरा मंडरा रहा है? बाइडन राष्ट्रपति बन गए तो क्या होगा?
Jul ०८, २०२० ०७:२०मुहम्मद बिन सलमान ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस का पद हासिल करने के लिए वाशिंग्टन को कई संदेश भेजे और बड़ी मेहनत से मुहम्मद बिन नाएफ़ को इस पद से हटवाया जो अमरीका के चहेते थे और जिनके हाथ में बहुत महत्वपूर्ण मामले रहा करते थे और अमरीकी सत्ता के गलियारों से जिनके क़रीबी संबंध थे।
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सीमा पर बदले हालात को किस नज़र से देखता है चीन, भारत में बढ़ते कथित राष्ट्रवादी जुनून पर चीनियों को क्यों है एतेराज़?
Jul ०७, २०२० १६:०२भारत और चीन के बीच लद्दाख में एलएसी पर झड़प और तनाव के बाद तनाव कम करने पर सहमति बनी है जिसके तहत चीनी सैनिक पीछे हटे हैं।
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क्या अमरीका और इस्राईल, ईरान के नतंज़ परमाणु प्रतिष्ठान पर हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार करने का साहस करेंगे?
Jul ०७, २०२० १४:२२अगर नतंज़ परमाणु प्रतिष्ठान में घटने वाली हालिया घटना में इस्राईल की भूमिका साबित हो जाती है तो ईरान की रेड लाइन को पार करने का जोखिम उठाने में अमरीका की भूमिका को भी नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता।
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बड़ी सौदेबाज़ी के बाद लद्दाख़ में पीछे हटने पर तैयार हुआ ड्रैगन, चीन के सुपर पॉवर बनने के रास्ते में रुकावट नहीं बनेगा भारत
Jul ०७, २०२० ११:२८सोमवार को भारतीय मीडिया में यह ख़बर आई कि चीनी सेना ने गलवान घाटी में उस जगह से पीछे हटना शुरू कर दिया है, जहां 15 जून को चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच पिछले पांच दशकों में सबसे ख़तरनाक झड़प हुई थी।
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राष्ट्र संघ ने भी जनरल सुलमानी की हत्या को ग़ैर क़ानूनी बताया
Jul ०७, २०२० ०७:२६संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष रिपोर्टर ने बल देकर कहा है कि अमरीकी सेना के हाथों शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या, अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का खुला उल्लंघन है।