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अमरीकी दबाव के सामने अभेद्य होता जा रहा है ईरान, दबाव और कोरोना वायरस के बावजूद पनप रही है ईरानी इकानोमी
Jul ०३, २०२० ०६:४३अमरीकी मैगज़ीन फ़ारने पालीसी ने एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि अमरीका की अधिकतम दबाव की नीति अब ईरान के सामने नाकाम हो चुकी है।
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चीन की भारत को ऊंच नीच समझाने की कोशिशः पोम्पेयो के खोखले बयान से जाग जाए नई दिल्ली सरकार!
Jul ०३, २०२० ०३:१०चीन का सरकारी मीडिया भारत को लगातार समझाने की कोशिश कर रहा है कि वह अमरीका के बहकावे में न आए बल्कि अपनी आंख खोले। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े अख़बार ग्लोबल टाइम्ज़ ने एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो के उस बयान का हवाला दिया गया है जिसमें पोम्पेयो ने भारत में 59 चीनी एप्लीकेशनों पर लगाए गए प्रतिबंधों का समर्थन किया है।
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भारत-चीन टकराव पर प्रधान मंत्री मोदी की ख़ामोशी और चीन का नाम तक नहीं लेने का क्या मतलब है?
Jul ०२, २०२० १४:१६30 जून को टीवी पर राष्ट्र के नाम प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन में भारत के लोग यह उम्मीद कर रहे थे कि वह लद्दाख़ में जारी चीन-भारत टकराव पर ज़रूर कुछ बोलेंगे। लेकिन लोगों की उम्मीदों पर उस वक़्त पानी फिर गया, जब मोदी ने चीन के साथ जारी तनाव पर एक लफ़्ज़ भी नहीं बोला।
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क्या आर्थिक दबाव की वजह से ईरान से दूर हो जाएगा ओमान?
Jul ०२, २०२० १३:३६इलाक़े में ओमान को ईरान का बहुत बड़ा और अच्छा दोस्त समझा जाता है लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। एलमानिटर ने इस संभावना का जायज़ा लिया है।
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क्या ईरान पर हथियारों के प्रतिबंध बढ़ाने से उसकी सैन्य शक्ति पर असर पड़ेगा? स्पूतनिक का जायज़ा
Jul ०२, २०२० ११:०५अमरीका ने 30 जून को सुरक्षा परिषद मे होने वाली आनलाइन बैठक में एक बार फिर ईरान पर संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिबंधों की अवधि बढ़ाने का प्रयास किया लेकिन सवाल यह है कि इन प्रतिबंधों की अवधि अगर बढ़ाई गयी तो ईरान पर उसका क्या असर पड़ेगा?
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पश्चिमी तट पर क़ब्ज़े की इस्राईली योजना कामयाब क्यों नहीं हुई? इस्राईली अख़बार की समीक्षा
Jul ०२, २०२० ०९:३७इस्राईल से प्रकाशित होने वाले एक अख़ार हारेत्ज़ ने अपने एक लेख में इस बात की समीक्षा की है कि पश्चिमी तट के तीस प्रतिशत हिस्से को इस्राईल में शामिल करने की नेतनयाहू की योजना क्यों कामयाब नहीं हुई?
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चीन चाहता है कि भारत के लोग उसे सही प्रकार से समझें और लड़ने की बात दिमाग़ से निकाल दें संवाद और संपर्क की बात करें!
Jul ०२, २०२० ०२:४१चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े अख़बार ग्लोबल टाइम्ज़ का मानना है कि भारत में चीन को लेकर सही समझ की कमी है और यह बात भारत के कुछ हल्क़े भी जानते हैं और इन हल्क़ों की ओर से ज़ोर दिया जा रहा है कि चीन को ठीक प्रकार से समझा जाए मगर समझौते के लिए बल्कि चीन का मुक़ाबला करने के लिए।
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वेस्ट बैंक का इलाक़ा हड़पने की इस्राईली साज़िश, क्या है नेतनयाहू की योजना? क्या रुख़ ले सकते हैं हालात? क्या होगी फ़िलिस्तीनियों की प्रतिक्रिया? मिडिल ईस्ट आई का जायज़ा
Jul ०१, २०२० १८:३८फ़िलिस्तीन का जो थोड़ा सा हिस्सा फ़िलिस्तीनियों के पास रह गया है उसमें से भी वेस्ट बैंक का तीस प्रतिशत भाग हड़प लेने की इस्राईल ने तैयारी पूरी कर ली है। इस्राईल की इस योजना का विरोध इस्राईल के विरोधी ही नहीं बल्कि घटक भी कर रहे हैं क्योंकि इस योजना के नतीजे में पूरे पश्चिमी एशिया में अस्थिरता बढ़ेगी।
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वेस्ट बैंक का विलय क्या इस्राईल की आख़िरी ग़लती होगी? इस्राईल-फ़िलिस्तीन भविष्य को लेकर 3 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब
Jul ०१, २०२० १५:१३इस्राईली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने वेस्ट बैंक के 30 प्रतिशत भाग और जॉर्डन वैली के इस्राईल में विलय के लिए पहली जुलाई की तारीख़ निर्धारित की थी। पहली जुलाई को इस्राईली संसद में नेतनयाहू के इस प्रस्ताव पर मतदान होना था। लेकिन पहली जुलाई की तारीख़ बीत गई और नेतनयाहू ज़ायोनी मतदाताओं से किया गया अपना यह वादा पूरी नहीं कर सके। इस्राईली प्रधान मंत्री का कहना है कि अब इसके लिए जल्दी ही कोई दूसरी तारीख़ निर्धारित की जाएगी।
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चीन से भारत की भिड़ंत के बाद क्या अब पाकिस्तान की बारी है?
Jul ०१, २०२० १२:४४हिमालिया के इलाक़े में भारत और चीन के बीच टकराव फ़िलहाल तो थम गया है लेकिन संकट बढ़ जाने की आशंका अब भी पूरी तरह मौजूद है। पिछले हफ़्ते भारत ने औपचारिक रूप से एलान कर दिया कि वह अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से संबंधों को कम कर रहा है और इसी फ़ैसले की तहत हाई कमीशन के स्टाफ़ में पचास प्रतिशत की कमी की जा रही है।