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कोरोना वायरस की अजीब पहेलीः कुछ जगहों पर टूट पड़ता है और कुछ को बख़्श देता है!
May ०३, २०२० १५:०४विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना वायरस में इतनी अनिश्चितता क्यों है। इस सवाल का जवाब वायरस से बचने में काफ़ी मदद कर सकता है।
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एक ग़लती और फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों में हिंदुत्व एजेंडा आगे बढ़ाने का आरएसएस का सपना चकनाचूर -2
May ०३, २०२० १२:०८फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों ने व्यापार और धर्म को लेकर कुछ सिद्धांत अपनाए। इन देशों के शासनों ने इन सद्धांतों का कड़ाई से पालन किया। इनमें से एक प्रमुख सिद्धांत यह था कि व्यापार में धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। इस तरह से यह देश दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रहे।
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उत्तरी कोरिया के नेता का मुसकुराता चेहरा देख डिप्रेशन में चले गए ट्रम्प और उनके घटक, मीडिया और सबसे बढ़कर सीएनएन की हुई फ़ज़ीहत
May ०३, २०२० ०७:१४यह तो तय है कि अमरीका में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प, इसी तरह दक्षिणी कोरिया, जापान और ताइवान में उनके घटक बल्कि इस्राईली सरकार भी बड़े गहरे दुख में पहुंच गए क्योंकि उत्तरी कोरिया के शासक किम जोंग उन राजधानी प्युंगयांग के उत्तर में स्थित सोनशोन शहर में फ़र्टिलाइज़र प्लांट का उदघाटन करते नज़र आए।
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जर्मनी ने हिज़्बुल्लाह पर क्यों लगाए प्रतिबंध? क्या होगा बरलिन-तेहरान रिश्तों का भविष्य? क्या यह अमरीका और इस्राईल की कामयाबी है?
May ०३, २०२० ०६:३१इस समय यह सवाल बहुत अहम है कि हिज़्बुल्लाह आंदोलन पर प्रतिबंध लगाकर क्या जर्मनी ने ईरान से अपने संबंधों को ख़तरे में डाल दिया है।
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एक ग़लती और फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों में हिंदुत्व एजेंडा आगे बढ़ाने का आरएसएस का सपना चकनाचूर
May ०२, २०२० १६:०३राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने 2016 में केरल में बंद दरवाज़ों के पीछे अरब जगत में टॉप हिंदू व्यवसायियों के साथ एक मीटिंग की।
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अपने जासूसों और उनके परिवारों की कैसी दुर्गत करता है इस्राईल? सबसे बड़े इस्राईली जासूस का रोंगटे खड़े कर देने वाला अंजाम
May ०२, २०२० १४:०७एली कोहीन इस्राईल का सबसे मशहूर जासूस माना जाता है जो 1924 में मिस्र के इसकंदरिया इलाक़े में जन्मा। इस जासूस ने सीरिया की राजधानी दमिश्क़ में मात्र चार साल गुज़ारे लेकिन बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां उसने एकत्रित कर लीं।
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भारत को हर्ड इम्यूनिटी भी कोरोना के प्रकोप से क्यों नहीं बचा सकती?
May ०२, २०२० ११:३६भारत में 30 जनवरी को कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था। पहली मई को देश में लॉकडाउन का जब पांचवा हफ़्ता था, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 37,336 हो गई तो मरने वालों की तादाद 1218 तक पहुंच गई थी।
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अमरीका के लिए ईरान और सऊदी अरब में इतना अंतर क्यों है, ईरान पर तो हथियारों की पाबंदी लगाता है और सऊदी अरब के लिए दरियादिली दिखाता है?
May ०२, २०२० १०:४४अमरीका की नज़र में दो सरकारें हैं जो एक दूसरे से पूरी तरह अलग बल्कि विरोधाभासी हैं। अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने कहा कि अमरीका ईरान को हथियार ख़रीदने का मौक़ा नहीं देगा बल्कि ईरान पर हथियारों की ख़रीदारी को लेकर लगे प्रतिबंधों की अवधि में विस्तार के लिए हर संभव कोशिश करेगा क्योंकि ईरान पर लगे प्रतिबंधों के हटने का समय क़रीब आ गया है।
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सीरिया पर क्यों तेज़ हो गए हैं इस्राईल के हमले? बार बार क्यों नाकाम हो रहा है इस्राईली मिशन? इसलिए जवाबी हमला नहीं कर रहा है सीरिया!
May ०२, २०२० ०६:१४हालिया दिनों में सीरिया पर इस्राईल के हमलों में काफ़ी तेज़ी आ गई है। शुक्रवार को भी इस्राईली विमानों ने हुम्स में सीरियाई सेना के ठिकाने पर राकेट फ़ायर किया जबकि गुरुवार की शाम गोलान हाइट्स के इलाक़े से इस्राईली हेलीकाप्टरों ने सीरिया के सैनिक ठिकानों को निशाना बनाया।
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भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत और हिंसा पर क्यों आक्रोश में आ गए अरब, क्या दुनिया भर में फैली चिंता को नज़रअंदाज़ कर पाएगी मोदी सरकार?
May ०१, २०२० १५:५५पिछले दो हफ़्ते के दौरान इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी, कुवैत सरकार, इमारात की एक राजकुमारी और बहुत सारे अरब एक्टीविस्ट्स ने भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरी बयानबाज़ी का नोटिस लिया है। चरमपंथी हिंदू, मुसलमानों को कोरोना वायरस फैलाने का दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।