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चुनाव के साल में जंग के लिए मचल रही है अमरीकी सरकार! अपनी तेल इंडस्ट्री बचाने के लिए क्या पूरी इकानोमी को दावं पर लगाना चाहते हैं ट्रम्प?
Apr २३, २०२० ०६:३२यह एक आम विचार होता था कि यदि ईरान और अमरीका की जंग हो जाती है तो मध्यपूर्व से दुनिया के देशों को होने वाली तेल की सप्लाई मुशकिल में पड़ जाएगी इसलिए इससे हर हाल में बचना ज़रूरी है। तो अब जब अमरीकी कंपनियों के तेल की क़ीमत ज़ीरो से भी नीचे पहुंच गई है तो क्या इस समय जंग का जोखिम लिया जा सकता है?
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बड़ा सवाल, क्या अमरीका तेल की क़ीमत को संभालने के लिए ईरान पर हमला कर देगा? कौन देगा इस युद्ध का खर्चा? मिस्री समाचार पत्र का रोचक विश्लेषण
Apr २३, २०२० ०६:१५मिस्र के समाचार पत्र अलअरबी 21 की वेबसाइट पर फ्रास अबू हेलाल ने अपने एक लेख में ईरान के खिलाफ अमरीकी युद्ध की संभावनाओं का जायज़ा लिया है और उसके कई आयामों पर प्रकाश डाला है। हालांकि यह एक सच्चाई है कि ईरान के खिलाफ सीमित युद्ध की शक्ति किसी में नहीं है और ईरान , क्षेत्र के इराक जैसे अन्य देशों से बहुत अलग है।
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अंतरिक्ष में भी ईरान का लोहा, अब अंतरिक्ष से भी दुश्मनों पर रहेगी नज़र, इस्राईल और अमरीका सदमे में
Apr २२, २०२० १४:२६आजकल दुनिया भर का नेतृत्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है और उसे इस संकट से निकलने के अलावा कुछ और सूझ ही नहीं रहा है। ऐसे वक़्त में ईरानी लीडरशिप ने देश में महामारी पर क़ाबू पाने और प्रतिबंधों का दबाव झेल रही अर्थव्यवस्था को डूबने से बचाने के साथ ही सबसे महत्वपूर्ण कारनामा यह अजांम दिया कि किसी भी क्षेत्र में विकास का पहिया जाम नहीं हुआ।
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ट्रम्प ने कोरोना पर नहीं लेकिन कोरोना ने ट्रम्प पर ज़रूर क़ाबू पा लिया!
Apr २२, २०२० १४:०४अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प अब कोरोना वायरस की महामारी पर क़ाबू पाने से ज़्यादा इस संकट में घिरकर और उलझ कर रह गए हैं। ट्रम्प आने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए जब भी कोई मुद्दा तैयार करने की कोशिश करते हैं कोरोना संकट उस मुद्दे की हवा निकाल देता है।
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तीन कारणों से धराशायी हो गई तेल की क़ीमत, हमें नहीं लगता कि अब पहले वाले हालात बहाल हो पाएंगे, पूरी अरब दुनिया बहुत बड़े बदलाव की कगार पर
Apr २२, २०२० ०५:२१इस समय विश्व स्तर पर फैले तेल संकट के तीन बड़े कारण हैं। संकट इतना बढ़ गया है कि अमरीका के टेक्सास आयल की क़ीमत ज़ीरों से 37 डालर नीचे चली गई है। यानी तेल बेचने वाला ख़रीदने वाले को रक़म अदा करने पर मजबूर है।
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ट्रम्प डब्ल्यूएचओ को बेवजह आंख दिखा रहे हैं, समस्या की जड़ वह ख़ुद हैं!
Apr २१, २०२० १५:१५अमरीकी लेखक डाना मिलबैंक का कहना है कि कोरोना वायरस का मुक़ाबला कर पाने में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की असमर्थता का कारण उनकी अपनी नीतियां हैं डब्ल्यूएचओ नहीं।
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क्या भारत में कोरोना वायरस की आड़ में कोई और खेल हो रहा है? भारतीय लोगों के सामने कोरोना के साथ-साथ नफ़रत और भूख का भी संकट
Apr २१, २०२० १३:२२दुनिया इस समय कोरोना वयरस से बुरी तरह जूझ रही है। इस घातक वायरस से सबसे ज़्यादा दुनिया के विकासशील देश प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। वहीं इस वायरस का प्रकोप भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में भी अब दिखने लगा है। लेकिन भारत में इस घातक वायरस से ज़्यादा ख़तरनाक वायरस पहले से ही मौजूद था जिससे हर वर्ष सैकड़ों लोग जहां अपनी जान गंवाते हैं वहीं इसका गहरा असर पूरे समाज पर पड़ता है।
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एक बड़े युद्ध की आहट! क्या तेल को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब आमने-सामने आ गए हैं? जब दोस्त दुश्मन बनता है तो नतीजा भयानक होता है!
Apr २१, २०२० ११:३५रियाज़ द्वारा हालिया दिनों में तेल की क़ीमत कम किए जाने के बाद सऊदी अरब और अमेरिका आमने-सामने आ गए हैं। जानकारों का कहना है कि जिस अंदाज़ में सऊदी अरब और अमेरिका आमने-सामने आए हैं उससे लगता है कि दोनों देश एक बड़े युद्ध की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
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बड़ा संकट और नाकाम नेता, कोरोना से सामने आ गई लीडरों की हक़ीक़त, कोई संकट के वजूद का इंकार करता रहा, किसी ने इसे दमन का माध्यम बना लिया!
Apr २१, २०२० ०६:२४अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ मोज़ीस नेईम का मानना है कि कोरोना संकट ने दुनिया को हिलाकर रख दिया वह भी इन हालात में जब नेतृत्व का एक बड़ा संकट मौजूद है।
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तेज़ी से बदल रहे हालात में ईरानी ख़ैमे से क़रीब हो रहे हैं अरब देश, जवाद ज़रीफ़ की दमिश्क़ यात्रा का मक़सद नए रुख़ का मूल्यांकन है, कोरोना के बाद क्या नया मिडिल ईस्ट जन्म ले रहा है?
Apr २१, २०२० ०४:२४पश्चिमी एशिया के इलाक़े में एक बड़े बदलाव की शुरुआत के इशारे मिल रहे हैं। ईरान ने अपना पुराना स्टैंड फिर दोहराया है कि वह क्षेत्र में शांति व सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय देशों से बिना शर्त वार्ता के लिए तैयार है।