पेज़ेश्कियान: "ईरान-भारत संबंध BRICS के परिप्रेक्ष्य में विस्तारित होने चाहिए"
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पार्स टुडे – ईरान के राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री के साथ एक टेलीफोन वार्ता में तेहरान और नई दिल्ली के बीच संबंधों को सहयोग के विकास के लिए व्यापक क्षमताओं वाला बताया और द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग, विशेष रूप से BRICS के ढाँचे में, विस्तार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
(last modified 2026-07-01T13:41:52+00:00 )
Jul ०१, २०२६ १९:१० Asia/Kolkata
  • इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
    इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पार्स टुडे – ईरान के राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री के साथ एक टेलीफोन वार्ता में तेहरान और नई दिल्ली के बीच संबंधों को सहयोग के विकास के लिए व्यापक क्षमताओं वाला बताया और द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग, विशेष रूप से BRICS के ढाँचे में, विस्तार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पार्स टुडे के अनुसार इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने मंगलवार शाम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक टेलीफोन वार्ता में इस देश में BRICS सदस्य देशों के तेल और ऊर्जा मंत्रियों के शिखर सम्मेलन की योजना और सफल आयोजन पर खुशी व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि इस्लामिक गणराज्य ईरान और भारत के बीच सहयोग और संपर्क, BRICS जैसे बहुपक्षीय तंत्रों के ढाँचे में और अधिक विस्तारित होंगे।

 

पेज़ेश्कियान ने इस्लामिक गणराज्य ईरान की भारत के साथ संबंधों को विकसित और गहरा करने में रुचि पर जोर देते हुए कहा:

"दोनों देशों के संबंध एक लंबी और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं, और राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक, पारगमन और अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में सहयोग के स्तर को ऊपर उठाने के लिए व्यापक क्षमताएँ मौजूद हैं। इस आधार पर अधिक समन्वय स्थापित करके और मौजूदा क्षमताओं का लाभ उठाकर, द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए नए रास्ते परिभाषित और कार्यान्वित किए जाने चाहिए।"

 

उन्होंने कई क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों विशेष रूप से बहुपक्षीय संगठनों और मंचों के ढाँचे में तेहरान और नई दिल्ली के विचारों की समानता का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया:

"ये समानताएँ, रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच व्यापक संबंधों को विस्तारित करने का आधार बन सकती हैं।"

 

भारत के प्रधानमंत्री ने भी इस टेलीफोन वार्ता में पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए किसी भी पहल और प्रयास के प्रति अपने देश के समर्थन पर जोर देते हुए कहा:

"भारत का मानना है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा और शांति, न केवल क्षेत्रीय देशों के लिए बल्कि वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा के लिए भी मौलिक महत्व रखती है और सभी देशों को इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रयास से बचना नहीं चाहिए।"

 

उन्होंने BRICS के सदस्यों द्वारा इस संगठन के सहयोग के विकास के मार्ग में समर्थन और सहयोग का उल्लेख करते हुए इस समूह के ढाँचे में हुई प्रगति पर खुशी व्यक्त की और भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति को औपचारिक रूप से आमंत्रित करते हुए आशा व्यक्त की कि यह बैठक सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने का आधार बनेगी। mm