-
जार्ज बुश के नस्लवादी प्रशासन ने कोलिन पावेल की मदद से किस तरह सारी दुनिया को झांसा देने की कोशिश की? हमें साफ़ नज़र आ रहा है कि बहुत जल्द इस्लामी-अरब आंदोलन का सैलाब क़ुद्स से उठेगा!
Oct १९, २०२१ १९:२९अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री कोलिन पावेल को इस बात के लिए हमेशा याद रखा जाएगा कि जार्ज बुश शासन ने बड़ी दुष्टता और धूर्तता के साथ उन्हें इराक़ के महाविनाश के हथियारों का ढिंढोरा पीटने के लिए इस्तेमाल किया ताकि इराक़ पर हमला करने का बहाना मिल जाए।
-
अरब टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः इस्राईली प्रधानमंत्री घमंड में अंधे हो गए हैं कि उन्हें ज़मीनी सच्चाई और पत्थर की लकीर नज़र नहीं आ रही है
Oct १२, २०२१ २०:२८इस्राईली प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेत को घमंड और द्वेष ने इस तरह अंधा कर दिया है कि वह मध्यपूर्व में तेज़ी से बदल रहे हालात को देख ही नहीं पा रहे हैं। ख़ास तौर पर सीरिया में मौजूद ज़मीनी हालात से वह पूरी तरह बेख़बर हैं।
-
इस्राईल के भीतर राजनैतिक तूफ़ान, महिला कूटनयिक ने लगाया पूर्व राष्ट्रपति पैरिज़ पर यौन उत्पीड़न का आरोप
Oct ०८, २०२१ २०:३२अरब जगत के मशहूर अख़बार रायुल यौम ने पत्रकार ज़हीर अंद्राओस की एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसके अनुसार इस्राईल में सियासी तूफ़ान खड़ा हो गया है। एक महिला कूटनयिक ने पूर्व राष्ट्रपति शमऊन पैरिज़ पर आरोप लगा दिया है कि उन्होंने 1980 के दशक में कम से कम दो बार अलग अलग अवसरों पर उनका यौन उत्पीड़न किया।
-
गार्डियन अख़बार का चौंकाने वाला जायज़ाः सामाजिक संपर्क का दुश्मन नेटवर्क है फ़ेसबुक जो अब अपने अंत के क़रीब पहुंच गया है
Oct ०८, २०२१ १९:२७गार्डियन अख़बार ने अपने एक लेख में लिखा कि फ़ेसबुक सामाजिक संपर्क को बढ़ावा देने वाला नहीं ख़त्म करने वाला नेटवर्क है। इंटरनेट जब नया नया आया था उस समय कहा जाता था कि यह सूचनाएं हासिल करने का बहुत तेज़ माध्यम है। लेकिन यह भी ड्राइविंग की तरह साबित हुआ कि अगर शराब पीकर कोई ड्राइविंग करे या ड्राइविंग के नियमों का सही रूप से पालन न करे तो जल्दी अपनी मंज़िल पर पहुंचने के बजाए परलोक सिधार जाएगा।
-
अरब टीकाकार अतवानः क्या ईरान परमाणु बम से केवल एक महीना दूर है जैसा कि न्यूयार्क टाइम्ज़ ने दावा किया है? इस्राईल ने अब क्यों लिया शहीद सुलैमानी का नाम?
Oct ०६, २०२१ २०:१८अमरीका के अख़बार न्यूयार्क टाइम्ज़ ने इस्राईल के गहरे जख़्म पर यह कहकर नमक छिड़क दिया कि ईरान के पास परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में संवर्धित यूरेनियम है और वह एक महीने में बम बना सकता है।
-
अपने घटक सऊदी अरब को झूठी तसल्ली क्यों दे रहा है अमरीका? अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बयान में विरोधाभास से भी नहीं खुल रही हैं अरब सरकारों की आखें
Oct ०१, २०२१ २०:१९अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सोलिवन ने सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात के बाद जो बयान दिया वह बड़ा अजीब और विरोधाभासी है जिससे कोई भी संतुष्ट नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हम सऊदी अरब की धरती के लिए उत्पन्न होने वाले हर ख़तरे का मुक़ाबला करेंगे और यमन विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की कोशिश करेंगे।
-
राष्ट्र संघ के पटल पर क्यों बढ़ती जा रही हैं ईरान पर हमले की इस्राईली धमकियां? क्या ईरान परमाणु बम बना चुका है? अब्दुल बारी अतवान का जायज़ा
Sep २८, २०२१ ११:५५लगता है कि अमरीका की अब यह उम्मीद मर चुकी है कि ईरान वियेना में परमाणु वार्ता की मेज़ पर लौटेगा। इसीलिए उसने आईएईए के ज़रिए और इस्राईली धमकियों के रूप में ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है।
-
अफ़ग़ानिस्तान जंग में अमरीका की किन कंपनियों ने कमाया सबसे ज़्यादा पैसा?
Sep २६, २०२१ २०:५०अमरीका की अफ़ग़ानिस्तान जंग उसकी सबसे लंबी जंग साबित होने के साथ ही सबसे महंगी जंग भी साबित हुई है।
-
अमरीका निकाल ले गया अपने पैट्रियट मिसाइल, बेहद कठिन विकल्पों में घिरी है रियाज़ सरकार, क्या ईरान और तुर्की से दोस्ती का फ़ैसला करने वाले हैं बिन सलमान?
Sep २२, २०२१ २१:५५अमरीका ने सऊदी अरब से अपने पैट्रियट मिसाइल सिस्टम निकल लिए हैं जिसके बाद टीकाकार कहने लगे हैं कि रियाज़ सरकार के सामने अब बड़े कठिन विकल्प हैं। कुछ ही दिन पहले एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि बाइडन सरकार ने हालिया हफ़्तों के दौरान सऊदी अरब की प्रिंस सुल्तान हवाई छावनी से पैट्रियट मिसाइल निकाल लिए हैं।
-
सीरिया पर अमरीका ने लगाए प्रतिबंध और अब ख़ुद ही खुलवा रहा है रास्ते, हिज़्बुल्लाह ने ध्वस्त कर दीं अमरीकी शिकंजे की बुनियादें, क्या है ईरान की भूमिका?
Sep २२, २०२१ २१:१०सीरिया पर अमरीका ने जो प्रतिबंध लगाए वह अपने आप ध्वस्त होते जा रहे हैं। सीरिया के रक्षा मंत्री एमाद अली अय्यूब ने हाल ही में जार्डन की जो यात्रा की और जार्डन की सेना के चीफ़ आफ़ स्टाफ़ जनरल युसुफ़ हुनैती ने उनका जिस गर्मजोशी से इस्तेक़बाल किया वह इस विचार का बहुत ठोस सुबूत है।