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क्या ईरान और तुर्की शीया सुन्नी एकता का सफल उदाहरण बन रहे हैं?
Sep १७, २०२० १२:०४ईरान एक शीया बाहुल क्षेत्र है और तुर्की में सुन्नी समुदाय के लोगों की बड़ी आबादी बसती है। दोनों देशों की जनसंख्या लगभग बराबर है। ईरान इस्लामी क्रांति आने से पहले तक अमरीका का बहुत क़रीबी घटक था और क्रांति आने के बाद अमरीका उसका दुशमन बन गया है तो तुर्की भी लंबे समय से अमरीका का क़रीबी घटक और नैटो का संस्थापक सदस्य रहा है मगर रजब तैयब अर्दोग़ान के शासन काल में अब फ़्रांस के राष्ट्रपति मैकक्रां कह रहे हैं कि तुर्की हमारा पार्टनर नहीं रह गया है और उसे कड़ी सज़ा देने की तैयारी की जानी चाहिए।
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अरब सरकारों को ज़ायोनी शासन की रक्षा का साधन समझता है अमरीका
Sep १७, २०२० ०९:३५ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनई ने इस्राईल की गोद में जा बैठने की अरब सरकारों की लालसा पर अलग अलग अवसरों पर टिप्पणियां की हैं इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं
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चीन के साथ सीमा विवाद में आख़िर क्या छिपा रही है मोदी सरकार? जनता करे बहिष्कार सरकार करे कारोबार!
Sep १७, २०२० ०७:४३भारत की मोदी सरकार ने बुधवार को इस देश के उच्च सदन (राज्यसभा) में कहा है कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है। मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि यह गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत का अपमान है। चीन से लगी सीमा पर गतिरोध को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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बहरैन और इमारात की जनता जंग से थक चुकी है मगर वह फ़िलिस्तीन की जंग नहीं यमन की जंग है, दोनों सरकारों ने इस्राईल से समझौता करके ख़ुद को जंग में झोंक दिया है!
Sep १७, २०२० ०६:५७ग़ज़्ज़ा पट्टी से जो मिसाइल फ़ायर किए गए और जाकर दक्षिणी इस्राईल के उसदूद और असक़लान शहरों पर उस समय गिरे जब वाइट हाउस में इस्राईली प्रधानमंत्री नेतनयाहू और इमारात व बहरैन के विदेश मंत्रियों की उपस्थिति में तथाकथित शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो रहे थे उनसे यह साबित हुआ कि इस समझौते की कोई हैसियत नहीं है।
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इस्राईल के साथ कुछ अरब देशों का शर्मनाक समझौता, ट्रम्प को कितना फ़ायदा?
Sep १७, २०२० ०५:४६विदेश नीति अमेरिकी चुनावों में कभी बड़ा मुद्दा नहीं रही है, लेकिन अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प जिनके सिर पर नवंबर महीने में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में हार का ख़तरा मंडरा रहा है उन्होंने कुछ अपने एजेंट अरब देशों, जिनमें संयुक्त अरब इमारात और बहरैन शामिल हैं, उनका इस्राईल का साथ शर्मनाक समझौता कराकर आगामी चुनावों में अपनी नैया पार लगाने के लिए इसका फ़ायदा उठाना चाहते हैं।
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बिन ज़ायद और बिन ख़लीफ़ा, ट्रम्प के चुनावी सर्कस के जोकर
Sep १६, २०२० १७:२२मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों के बीच संपर्क केवल 7 प्रतिशत शब्दों से होता है, 38 प्रतिशत आवाज़ के टोन से और 55 प्रतिशत बाॅडी लैंग्वेज से। अगर शब्द, बाॅडी लेंग्वेज से अलग होते हैं तो सामने वाला व्यक्ति शब्दों के बजाए बाॅडी लैंग्वेज पर भरोसा करता है। अगर इस नियम को मंगलवार के दिन ट्रम्प, नेतनयाहू, बिन ज़ायद और अज़्ज़य्यानी के सर्कस से जोड़ कर देखा जाए तो बड़ी ही आश्चर्यजनक सच्चाइयां सामने आएंगी।
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अरब-इस्राईल गठजोड़ का मुक़ाबला करने के लिए ईरान, तुर्की और क़तर को एक संयुक्त मोर्चा बनाना होगा
Sep १६, २०२० १५:५६15 सितम्बर को यूएई-इस्राईल शांति समझौते को औपचारिक रूप दे दिया गया, जिसका लम्बे समय तक मध्यपूर्व की भू-राजनीति पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
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जनरल क़ासिम सुलैमानी अपनी शहादत से एक महीना पहले कुछ ख़ास लोगों की वार्ता की आडियो आर्काइव से निकलवाई और उसे बड़े ध्यान से सुनते थे!
Sep १६, २०२० १४:१०आठ वर्षीय ईरान-इराक़ युद्ध की आरकाइव के डायरेक्टर जनरल नाईनी ने बताया कि शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी ने अपनी शहादत से एक महीना पहले मुझे फ़ोन किया और कर्बला-5 नाम के सैन्य आप्रेशन के दौरान कमांडरों के बीच होने वाली बातचीत की आडियो मंगवाई।
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बिखर रहा है सऊदी अरब, गंदी फ़िल्में दिखाने की मिली इजाज़त, पवित्र धरती पर हो चुका है आस्थाओं का अनादार
Sep १६, २०२० १०:२७सऊदी क्राउन प्रिंस बिन सलमान की मूर्खतापूर्ण कार्यवाहियों के कारण सऊदी अरब ऐसी अंधेरी कोठरी में घुस गया है जहां से उसका निकलना बड़ा मुश्किल है।
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अमरीकी विदेशमंत्री का खोखला दावा, क्या अमरीका अपने इरादों में कामयाब हो सकेगा?
Sep १६, २०२० ०७:१३अमरीकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने फ़्रांसीसी पत्रिका में छपे में अपने लेख में लिखा है कि दुनिया के सभी देशों को ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों को लागू करना होगा जिसकी वापसी की अमरीका मांग कर रहा है।