मुसलमानों को लेकर संघ प्रमुख के बदले सुर
भारत के कट्टपंथी हिंदुत्व संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।
भारत पर सिर्फ़ हिंदुओं का वर्चस्व क़ायम करने की नीति पर अमल करने वाले संघ प्रमुख ने पहली बार यह भी स्वाकीर किया कि भारत जैसे लोकतंत्र में हिंदू या मुस्लिम किसी एक धर्म का प्रभुत्व कभी नहीं हो सकता।
2014 में केन्द्र में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बनने वाली बीजेपी की सरकार के बाद से मुसलमानों की मॉब लिंचिंग की दर्जनों घटनाओं पर चुप्पी साधने वाले भागवत का कहना था कि जो लोग मॉब लिंचिंग में शामिल होते हैं, वे हिंदुत्व के ख़िलाफ़ हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू कहता है कि यहां मुसलमानों को नहीं रहना चाहिए तो वह व्यक्ति हिंदू नहीं है। गाय एक पवित्र जीव है, लेकिन जो लोग इसके लिए दूसरों को मार रहे हैं वे हिंदुत्व के ख़िलाफ़ जा रहे हैं। क़ानून को बिना पक्षपात के उनके ख़िलाफ़ अपना काम करना चाहिए।
संघ प्रमुख का यह बयान ऐसे वक़्त में आया जब देश में तथाकथित धर्मांतरण का मुद्दा गर्म है और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कई मुस्लिम धर्मगुरुओं और युवाओं के ख़िलाफ़ इसके तहत कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। msm
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