उगाही के लिए फंसाया गया शाहरूख खान के बेटे कोः विजय पागरे
शाहरुख ख़ान से पैसे वसूलने के लिए उनके बेटे आर्यन ख़ान को जानबूझकर ड्रग्स केस में फंसाया गया।
विजय पागरे नाम के व्यक्ति ने कहा है कि आर्यन को ड्रग्स के केस में फंसाया गया था ताकि कुछ लोग इस केस में पैसा कमा सकें।
आर्यन ख़ान केस में एक नया मोड़ आया है। विजय पागरे ने शनिवार को टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया है कि मुंबई के क्रूज शिप पर की गई छापेमारी की पहले से प्लानिंग की गई थी। उन्होंने कहा कि आर्यन ख़ान को ड्रग्स केस में फंसाया गया था। पागरे ने कहा कि इस छापेमारी की योजना 27 सितंबर को ही बना ली गई गई थी जबकि क्रूज शिप पर एनसीबी का छापा, 2 अक्टूबर को मारा गया था। पागरे ने 3 और 4 नवंबर को एसआईटी को अपने बयान देकर उनपर साइन किये हैं।
पागरे ने कहा है कि वह सुनील पाटिल के साथ ठहरे हुए थे जिसने दावा किया था कि उसने क्रूज पर ड्रग पार्टी की सूचना एनसीबी को दी थी। पाटिल का नाम बिजनसमैन सैम डिसूजा के बयान में भी सामने आया था। उन्होंने कहा था कि केपी गोसावी ने पाटिल का नाम SW यानी समीर वानखेड़े के नाम से सेव किया हुआ था ताकि दिखा सके कि उसका संपर्क सीधे एनसीबी के जोनल डायरेक्टर से है। पागरे ने आगे बताया कि पाटिल पर उसके कुछ पैसे उधार थे और इसलिए वह पाटिल के साथ पिछले कुछ महीनों से रह रहा है।
पाटिल, वाशी के एक होटल में ठहरा हुआ था। 27 सितंबर को इसी होटल का एक और कमरा केपी गोसावी के नाम से बुक किया गया था। होटल पर इस केस का दूसरा गवाह और बीजेपी का कार्यकर्ता मनीष भानुशाली, केपी गोसावी और पाटिल की मुलाकात हुई। पागरे ने कहा है कि उसने देखा कि भानुशाली ने पाटिल को किस किया और कहा था कि बड़ा काम हो गया। अब हमें अहमदाबाद निकलना है लेकिन पागरे को अपने साथ मत लेना। पागरे का दावा है कि तबतक उसे पता नहीं था कि क्या हो रहा है?
पागरे ने आगे बताया कि क्रूज शिप पर छापेमारी के कुछ घंटों बाद 3 अक्टूबर को भानुशाली होटल रूम में लौटकर आया और कहा कि वह अपना पैसा लेने के लिए साथ में चले। दोनों साथ में एनसीबी के ऑफिस पहुंचे। रास्ते में भानुशाली किसी से फोन पर बात कर रहा था। उसने बातचीत में पूजा, सैम और मयूर नाम बोले थे। उसने कहा कि गोसावी का मोबाइल फोन ऑफ आ रहा है और उसे शक है कि वह पैसे लेकर फरार हो गया है।
पागरे ने कहा कि एनसीबी ऑफिस पहुंचने पर उसने बाहर जर्नलिस्टों की भीड़ देखी। उसे तब पता चला कि एनसीबी ने आर्यन खान को हिरासत में लिया था। बाद में उसने एक न्यूज क्लिप में यह खबर देखी जिसमें दिख रहा था कि भानुशाली और गोसावी ड्रग्स केस के आरोपियों के आसपास नज़र आ रहे हैं। पागरे ने कहा कि तब उसे इस बात का अहसास हुआ कि यह छापेमारी पूरी तरह से योजना के तहत की गई थी।
पागरे का यह भी दावा है कि उसने आर्यन का केस लड़ रहे वकीलों से भी संपर्क करने की कोशिश की थी मगर उन्होंने पागरे से बात ही नहीं की।
दूसरी ओर महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता नवाब मलिक ने कहा कि साजिश के तहत आर्यन खान को किडनैप किया गया था। उन्होंने कहा कि समीर वानखेड़े ने भाजपा नेता के साथ मिलकर फिरौती के लिए यह साजिश रची और आर्यन को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की थी।
नवाब मलिक ने कहा कि एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े ने भाजपा नेता मोहित कंबोज की मदद से साजिश रची। उनका कहना था कि मोहित कंबोज पहले भी उगाही का काम करता था। मलिक ने कहा कि मोहित कंबोज की समीर वानखेड़े से गहरी दोस्ती है। दोनों ने मिलकर उगाही का धंधा चलाया। मोहित कंबोज और समीर वानखेड़े दोनों ने ही साजिश के तहत आर्यन खान को किडनैप किया था। उन्होंने कहा कि आर्यन खान ने क्रूज पार्टी की टिकट नहीं खरीदी थी बल्कि प्रतीक गाबा और आमिर फर्नीचरवाला ही उन्हें वहां लाए थे। मलिक के अनुसार यह एक तरह से अपहरण और फिरौती का मामला है।