अब मदर टेरेसा की संस्था पर मोदी सरकार का शिंकजा
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मदर टेरेसा द्वारा ग़रीब लोगों की सहायता के लिए स्थापित की गई संस्था मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी को विदेश से मिलने वाले फ़ंड पर मोदी सरकार ने रोक लगा दी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २८, २०२१ १५:४५ Asia/Kolkata
  • अब मदर टेरेसा की संस्था पर मोदी सरकार का शिंकजा

मदर टेरेसा द्वारा ग़रीब लोगों की सहायता के लिए स्थापित की गई संस्था मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी को विदेश से मिलने वाले फ़ंड पर मोदी सरकार ने रोक लगा दी है।

भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय का कहना है कि इस संस्था ने कुछ स्थानीय नियमों का पालन नहीं किया है, जिसके बाद विदेश से मिलने वाले उसके फ़ंड को रोकने का फ़ैसला किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी के फ़ॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन रेगूलेशन एक्ट (एफ़सीआरए) रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करने से इंकार कर दिया है।

मोदी सरकार ने यह क़दम ऐसे वक़्त में उठाया है, जब देश में हिंदुत्ववादी संगठनों ने क्रिसमस के अवसर पर कई चर्चों को निशाना बनाया है।

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कई हिंदुत्ववादी संगठन मदर टेरेसा की संस्था पर मदद के बहाने ग़रीब हिंदुओं और आदिवासियों के धर्मांतरण के आरोप लगाते रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार के इस फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि इस फ़ैसले से 22,000 मरीज़ और उनके कर्मचारियों पर खाने और दवाओं का असर पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि क़ानून सर्वोपरि है, लेकिन मानवीय कोशिशों पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

कोलकता में रिजस्टर्ड इस संस्था के पूरे देश में 250 से अधिक बैंक अकाउंट्स हैं, जिनमें उसे विदेश से फ़ंड मिलता है। मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी को सबसे ज़्यादा अमरीका और ब्रिटेन से मदद मिलती रही है।

उसे यह फ़ंड प्राथमिक स्वास्थ्य, शिक्षा सहायता, कुष्ठ रोगियों के इलाज आदि के लिए दिया जाता है, क्योंकि संस्था इन्हीं उद्देश्यों पर काम करती है।

मदर टेरेसा ने 1950 में कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए एमओसी की स्थापना की थी। उन्हें 1979 में शांति के नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 5 सितंबर 1997 को उनका निधन हो गया था। msm