लखीमपुर फाइल्स भी बननी चाहिएः अखिलेख यादव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि लखीमपुर में लोगों को वाहन से कुचलने के बारे में भी लखीमपुर फाइल्स बननी चाहिए।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और सामूहिक पलायन पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि क्या लखीमपुर फाइल्स भी बनेगी?
भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार अखिलेश ने कहा कि लखीमपुर-खीरी में किसानों को गाड़ियों से रौंदा गया तो इस पर फिल्म क्यों नहीं बन सकती?
सपा प्रमुख ने ये बातें सीतापुर के महमूदाबाद में कहीं जहां वो पार्टी नेता नरेंद्र वर्मा के बड़े भाई महेंद्र वर्मा के शांति पाठ में शामिल होने पहुंचे थे।
ज्ञात रहे कि पिछले अक्टूबर 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी के तिकुनिया में एक वाहन, किसानों के झुंड को रौंदते हुए निकल गया था। किसानों को रौंदने की घटना में 4 किसानों की मौत हो गई थी।
बाद में यह स्पष्ट हुआ कि आरोप लगा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया। बाद में एसआईटी ने आशीष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। आशीष 15 फरवरी को बेल पर रिहा हुए थे। वो 10 अक्टूबर से जेल में थे।
याद रहे कि भारत में इन दिनों द कश्मीर फाइल्स 11 मार्च को रिलीज होने के बाद से ही लगातार सुर्खियों में है। इस फिल्म पर सोशल मीडिया पर वाद-विवाद भी हो रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि द कश्मीर फाइल्स फिल्म मुसलमानों के खिलाफ है जबकि कुछ अन्य लोग फिल्म को सच्चाई पर आधारित बता रहे हैं।
बीजेपी समर्थक लोगों से फिल्म देखने के लिए कह रहे हैं। वहीं इस फिल्म को कट्टरपंथी हिन्दू संगठन एक विशेष समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने के लिए हथकंड़े के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। यही कारण है कि कुछ लोग द कश्मीर फाइल्स को द कश्मीर फ़ायर का नाम भी दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म के निर्माता-निर्देशकों की टीम से मुलाक़ात की। भारतीय प्रधानमंत्री ने मंगलवार को ही बीजेपी संसदीय दल की मीटिंग में भी इस फिल्म की चर्चा की और कहा कि देश में कई घटनाओं पर दशकों से पर्दा डाला जाता रहा है।