पश्चिम बंगाल हिंसाः सीबीआई की जांच पूरी गति से जारी
भारत के राज्य पश्चिम बंगाल में एक बड़ी हिंसक घटना के बाद राजनैतिक तनाव जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
राज्य के रामपुर हाट में आठ लोगों को जलाने के मामले में केन्द्रीय जांच एजेंसी CBI ने 21 लोगों को आरोपी बनाया है। इस मामले की जांच राज्य की एसआईटी से ले ली गई है और सीबाआई ने जांच शुरू कर दी है। इसे राज्य की ममता बनर्जी सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार के बीच टकराव की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
दोनों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है और बार बार इस तरह के मुद्दे उठते हैं जिनसे दोनों आमने सामने आ जाते हैं।
सीबीआई की टीम रविवार की सुबह रामपुरहाट पुलिस स्टेशन पहुंच गई थी, केंद्रीय जांच एजेंसी ने एसआईटी के पास से केस की डायरी और अन्य जरूरी दस्तावेज लिए। इससे पहले, शुक्रवार को ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा था कि इस मामले की जांच सीबीआई करेगी।
हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले की सुनवाई की थी औज्ञ ममता बनर्जी सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसी को जांच नहीं सौंपने के अनुरोध को खारिज करने के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मामले को सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया है। अदालत ने कहा था कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएगी।
बीरभूम में मंगलवार को भीड़ ने आठ लोगों को जिंदा जला दिया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीरभूम हिंसा मामले में बोगटुई गांव का दौरा भी कर चुकी हैं, इस दौरान ममता ने कहा कि बहाने नहीं, जो भी जिम्मेदार हैं, उनकी गिरफ्तारी चाहती हूं।
ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि आधुनिक बंगाल में इतनी बर्बरता हो सकती है, मां और बच्चे मारे गए, एक बड़ी साजिश का आरोप लगाते हुए उन्होंने कड़ी कार्रवाई की बात कही।
ममता ने कहा था कि पुलिस सभी एंगल से हत्या के कारणों की जांच करेगी।
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